हरियाणा में शूटिंग रेंज नहीं लेकिन निशानेबाज चमके

हरियाणा में शूटिंग रेंज नहीं लेकिन निशानेबाज चमके

नयी दिल्ली। हरियाणा के निशानेबाज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए लगातार पदक जीत रहे हैं लेकिन हैरानी की बात है कि देश में खिलाडिय़ों को प्रोत्साहन देने में अग्रणी समझे जाने वाले इस राज्य में एक भी शूटिंग रेंज नहीं है। हरियाणा के सीनियर और जूनियर निशानेबाजों ने इस साल लगातार अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्णिम प्रदर्शन किया है। जर्मनी के सुहल में इस समय चल रही जूनियर विश्व चैंपियनशिप में हरियाणा के दो निशानेबाजों ने स्वर्ण पदक जीते हैं। चंडीगढ़ की 20 वर्षीय यशस्विनी सिंह देशवाल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के साथ जूनियर विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर लिया। उन्होंने आठ निशानेबाजों के फाइनल में 235.9 का स्कोर कर विश्व रिकार्ड की बराबरी की और स्वर्ण पदक जीता।

हरियाणा के 15 वर्षीय निशानेबाज अनीश ने पुरुषों की 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीत लिया। अनीश ने 579 अंकों का विश्व रिकॉर्ड बनाया। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत भारत ने टीम स्पर्धा में रजत पदक भी जीत लिया।
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हरियाणा के ही अंकुर मित्तल ने तीन महीने पहले मेक्सिको विश्व कप डबल ट्रैप स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करने के साथ स्वर्ण पदक जीता था। अंकुर के पिता और हरियाणा राइफल संघ के महासचिव अशोक मित्तल ने कहा हमारा राज्य खेलों और खिलाडिय़ों को प्रोत्साहन देने में हमेशा आगे रहा है लेकिन अ$फसोस की बात यही है कि इस राज्य में एक भी शूटिंग रेंज नहीं है। अशोक मित्तल ने कहा यह भी हैरानी की बात है कि हरियाणा के निशानेबाज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का परचम बुलंद कर रहे हैं लेकिन अभ्यास के लिए उन्हें दिल्ली जाना पड़ता है। यदि राज्य में ही विश्व स्तरीय शूङ्क्षटग रेंज होती तो उन्हें भटकना नहीं पड़ता। मित्तल ने बताया कि 30 जून से चार जुलाई तक हरियाणा राज्य शूङ्क्षटग चैंपियनशिप का आयोजन होना है लेकिन इसे दिल्ली के डॉ कर्णी ङ्क्षसह शूटिंग रेंज में कराया जाएगा। अब राज्य के खिलाडिय़ों के लिए इसे विडंबना नहीं तो और क्या कहा जाएगा कि उन्हें अपनी राज्य चैंपियनशिप दूसरे राज्य में जाकर खेलनी पड़ेगी। उन्होंने कहा, राज्य सरकार खिलाडिय़ों को बड़े इनाम देती है लेकिन सुविधाएं नहीं दे पाती है जिससे निशानेबाजों को अभ्यास के लिए दिल्ली जाना पड़ता है।

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