हनीमून और सुहागरात….मन क्यों बहका रे बहका…समझिये कुछ ज़रूरी बात …!

हनीमून और सुहागरात….मन क्यों बहका रे बहका…समझिये कुछ ज़रूरी बात …!

विवाह हमारे समाज का सबसे भावुक पक्ष है। इसे दो तन, दो मन और दो आत्माओं के परस्पर मिलन का अनूठा संस्कार माना जाता है। हर अविवाहित व्यक्ति दिल में विवाह को लेकर कई हसरतें संजोए रहता है। इसमें बहुत सी कल्पनाएं, अनेकों सपने और ढेर सारे संकल्प होते हैं।
विवाह विशेषज्ञों का मानना है कि हनीमून के लिए जाना वैवाहिक जीवन की सुखद शुरूआत है। हनीमून जहां दो अनजाने व्यक्तियों को भावनात्मक और वैचारिक स्तर पर करीब लाता है, वहीं हनीमून की मीठी यादें नवदंपति को जिंदगी के उतार चढ़ावों से जूझने का संबल देती हैं। हर स्तर पर एक-दूसरे के साथ सामंजस्य बैठाने की योग्यता और क्षमता ही हनीमून को यादगार बना सकती है। इसके लिए जरूरी है कि नवविवाहित युगल अपनी समझदारी और विवेक से इसे मधुर रखने का प्रयत्न करें।शादी के बाद हनीमून पर जाना इधर एक रस्म होती जा रही है। कुछ साल पहले तक सिर्फ उच्च वर्ग के या पैसे वाले लोगों में ही यह शगल देखा जाता था लेकिन अब हर तबके के नवयुगल अपने कुंवारे सपनों को मूर्त रूप देने के लिए घर परिवार से दूर रमणीक रोमांटिक जगह ढूंढ़ते हैं। कई परिवार इसके पक्ष में होते हैं तो कई इसके विरोध में। हनीमून पर जाना महज एक फैशन नहीं बल्कि वैवाहिक जीवन की सुखद शुरूआत है। नवदंपति चाहते हैं कि उनका हनीमून इतना सुखद हो कि वे उन मीठी स्मृतियों को जिंदगी भर संजोकर रखें। 
आमतौर पर लोगों के मन में यह धारणा होती है कि हनीमून का पहला दिन पहली रात की तरह होता है। कुछ लोग इस दिन पति पत्नी का शारीरिक संबंध बनाना जरूरी समझते हैं। पहली ही रात से युवक, पत्नी पर अपना प्रभुत्व, अपना पौरूष स्थापित करना चाहता है जिसका माध्यम वह शारीरिक संबंधों को समझता है जो अक्सर दु:खद और अफसोसनाक हालात पैदा कर देता है।शारीरिक संबंध इसी रात बनें, यह जरूरी नहीं क्योंकि पहली रात सब कुछ नहीं होती। इस बात को याद रखना चाहिए कि आपका और उनका साथ केवल इस एक रात के लिए नहीं बल्कि जीवनभर के लिए है। यह नहीं भूलना चाहिए कि लज्जा स्त्री का आभूषण है और संकोच उसका घूंघट, मर्यादा इसी में है कि आप एक-दूसरे के मन में उतरें और एक-दूसरे के ख्वाबों को सहलाएं।हनीमून की पहली रात पति-पत्नी के बीच प्रेम और आत्मिक संबंधों की शुरूआत है। इस रात को अच्छा बनाने के लिए जरूरी है कि इस रात की शुरूआत प्रेम के आत्मिक संबंधों से की जाए। शारीरिक संबंधों की अपेक्षा आत्मिक संबंध अत्यधिक स्थायी और मजबूत होते हैं। इसलिए इस रात को आत्मिक मिलन की रात बनाने की कोशिश की जाये। हनीमून एक तरह से सुनियोजित एकांतवास है परंतु इस निजी एकांत के क्षणों में भी अपने व्यवहार को संयम एवं शालीन बनाए रखें ताकि हनीमून की गरिमा बनी रहे। 
पहली रात को आप पत्नी की झिझक, उसकी लज्जा को दूर करने की कोशिश कीजिये। पहली रात की शुरूआत रूमानी और मीठी-मीठी बातों से करें। पत्नी के साथ प्रेम और अपनेपन का व्यवहार करें। बातचीत के दौरान ही एक-दूसरे को स्पर्श करना शुरू कर देना चाहिए ताकि आप दोनों का शरीर भी एक दूसरे को जान पहचान लें। इस तरह मन के संकोच के साथ तन का संकोच भी दूर होने लगता है।अपनी बातों में आप अपनी पत्नी के बालों, अधरों, आंखों, नितंबों, स्तनों आदि की प्रशंसा करते रहें। इस बात का विशेष ख्याल रखें कि जब तक आपकी पत्नी की आंखों की या शारीरिक भाषा से यह महसूस न हो जाय कि वह सेक्स करना चाह रही है, तब तक आप सेक्स न करें चाहे आपको पहली रात केवल सो कर ही क्यों न गुजारनी पड़े।यदि पत्नी किसी भय या भाव के चलते नए संबंध को असहज रूप से ले रही है तो आप उसे विनम्रता से रिश्ते की बारीकी और गहराई को समझाने का प्रयास करें। जल्दबाजी में मानसिकता बदलने की कोशिश मत कीजिए और ना ही पत्नी पर झुंझलायें। सेक्स में अपनी पत्नी की इच्छा और भावनाओं पर गहरी पकड़ बनाकर उसका सम्मान करें। 
हनीमून आप दोनों के लिए उम्र भर एक सुखद अहसास हो, इसके लिए यह जरूरी है कि आप दोनों एक-दूसरे को जज करें, परखें। यहां दिए जा रहे चंद सुझावों को अमल में लाकर आप भी अपने हनीमून को सुखद बना सकते हैं।सबसे पहले तय करें कि जाना कहां है-– आपको पहाड़ी क्षेत्र पसंद है या समुद्री इलाका या फिर अन्य क्षेत्र।
– तयशुदा जगह पर जाने से पहले उस शहर के बारे में अच्छी तरह अपने परिचितों, मित्रों या पर्यटन विभाग से जानकारी प्राप्त कर लें ताकि परेशानी न हो।
– घर बैठे आप कम्प्यूटर पर ई-मेल से भी ऐसी जगहों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा पत्र-पत्रिकाओं में भी आज कल काफी जानकारियां दी जाती हैं। उससे भी जानकारी ले सकते हैं।
– समय रहते रिजर्वेशन करवा लें।
– जाने से पहले परिवारजनों को रिजर्वेशन कराए गये अपने होटल का पता, फोन नंबर आदि देकर जाए। वापसी में आने का समय व ट्रेन  आदि के बारे में भी जानकारी दें।
– सुखद यात्रा के लिए कम से कम सामान लेकर जाएं।
– जाने से पूर्व अपने पैकिंग किए गए सामानों, टिकट आदि को एक बार ठीक से जांच लें ताकि जरूरी सामान न छूटे।
– जिस शहर को आप जा रहे हैं वहां का रोड मैप जरूर साथ रखें।
– कैमरा और फिल्म के अतिरिक्त रोल्स तथा बैटरी जरूर ले लें।
– स्मार्ट दिखने वाले कपड़े ही अपने साथ ले जायें, साथ ही खूबसूरत रंग-बिरंगी, आकर्षक इनरवेयर भी साथ ले लें। ऐसे समय में यह पहनावा साथी पर काफी प्रभाव जमाता है।
– कम से कम गहनों को साथ ले जाए। कृत्रिम हों तो काफी बेहतर ताकि चोरी होने या खोने का गम न हो।
– अनावश्यक श्रृंगार से बचें।
– एक-दो मनपसंद परफ्यूम भी साथ रखें।
– आरामदायक फुटवियर व कुछ जरूरी दवाएं भी साथ में रख लें।
– कुछ मनपसंद या रोमांटिक कैसेट तथा सीडी भी अपने साथ रख लें।
ध्यान रखें-
– सफर के दौरान अपने सामान का ख्याल रखें।
– पैसा सुरक्षित रखें।
– हनीमून के समस्त क्रियाकलापों में पहल का अधिकार पति को ही दें।
– खुलकर प्रेम का इजहार करें। एक-दूसरे को जानें, समझें और अपनी रूचियों, इच्छाओं, भावनाओं, अपेक्षाओं से एक दूसरे को अवगत कराएं।
– जोश में आकर कोई भी ऐसा काम न करें जिससे खतरों का सामना करना पड़े। किसी भी अनजान व्यक्ति पर विश्वास न करें और सतर्क रहें।
– अपनी मस्ती के आलम में किसी भी अशोभनीय हरकत से बचें।
संजय कुमार ‘सुमन’

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