स्वास्थ्य व सौंदर्य रक्षक है संतरा

स्वास्थ्य व सौंदर्य रक्षक है संतरा

पौष्टिक तत्वों से युक्त संतरा एक लोकप्रिय फल है। इसके सेवन से जहां शरीर निरोगी व फुर्तीला बना रहता है, वहीं इसके रस व छिलके को सौंदर्यवद्र्धक तत्व के रूप में काम में लिया जाता है। इसमें कई रोगों के शमन की क्षमता भी है। चेहरे व गले का सौंदर्य निखारने हेतु इसको अन्य कई खाद्य पदार्थों के साथ मिलाकर निम्न तरीकों से काम में लाया जा सकता है।
– उबलते पानी में संतरे को छील कर और गोद कर मिलायें। इन्हें थोड़ी देर ढक कर रखें। फिर इस पानी से नहायें। इसकी सुगंध व ताजगी से शरीर प्रफुल्लित हो उठता है।
– संतरे के छिलकों को छाया में सुखाकर पीस लें। इस चूर्ण को बेसन व मलाई मिलाकर चेहरे पर लगायें। सूखने पर गुनगुने पानी से चेहरा साफ कर लें। कुछ दिन तक लगातार इस्तेमाल करने से चेहरा कांतिमय हो उठेगा।
किस्म-किस्म के पेय

– ताजे दूध में थोड़ा सी मैदा, संतरे का रस व नींबू का रस मिलाकर लेप करें। यह तैलीय त्वचा वालों के उपयोगी उबटन है।
– संतरा, नींबू, मौसमी व अंगूर का रस मिलाकर चेहरे व गले पर लगायें। 1०-12 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें। यह तैलीय त्वचा के अतिरिक्त चिकनाई व गंदगी को प्राकृतिक रूप से साफ करता है।
– संतरे के ताजा रस में शहद लगाकर चेहरे पर व गले में लगायें, इससे चेहरा खिला-खिला रहेगा।
– तैलीय त्वचा हेतु जरा सी हल्दी, बेसन, दही व संतरे का रस मिलाकर उबटन तैयार करें। इसे दस मिनट तक चेहरे व गर्दन पर लगाकर 1०-12 मिनट बाद धो लें।
कहीं आप एनोरेक्सिया के शिकार तो नहीं?

– एक छोटे चम्मच संतरे के छिलके का चूर्ण, एक छोटा चम्मच जौ का आटा व एक चम्मच मलाई मिलाकर लेप बनायें। इसे चेहरे व गले पर लगातार कुछ दिन इस्तेमाल करें। इससे शुष्क सांवली त्वचा का रंग निखर जाता है।
– एक चम्मच संतरे के छिलके के चूर्ण को जड़ों में लगायें। फिर थोड़ी देर बाद सिर धो लें। इसके इस्तेमाल से बाल काले व घने हो जाते हैं।
– अनीमिया के रोगी को नित्य एक संतरे का सेवन कराने से खून की कमी दूर होकर शरीर निरोगी होता है।
– पूर्णिमा मित्रा

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