स्वस्थ, सुंदर बालों के लिए एक वरदान है मेंहदी

स्वस्थ, सुंदर बालों के लिए एक वरदान है मेंहदी

मेंहदी का प्रचलन आधुनिक नहीं है इसका प्राचीन काल से प्रचलन रहा है। प्राचीन समय में भी स्त्रियां दिन-त्यौहार उत्सव शादी विवाह समारोह आदि पर हाथों पांवों मे मेंहदी लगाती थी जो कई दिन तक शुभ अवसर की याद दिलाती रहती थी।
बालों को नेचुरल रंग में लाने के लिए रानियां-महारानियां इनका प्रयोग करती थीं। तब बालों की कलरिंग के लिए उच्च स्तर की महिलाएं ही मेंहदी का प्रयोग करती थी। अब तो हर वर्ग की महिला इसका प्रयोग करती हैं।
आधुनिक युग में युवा लड़कियां तो गर्दन के पीछे बाजू के ऊपरी भाग पर मेंहदी के सुंदर-सुंदर डिजाइन बनवाती हैं और स्वयं को खूबसूरत दिखाती हैं।
मेंहदी केवल बालों की सफेदी को ही कम नहीं करती बल्कि बालों को स्वास्थ्य भी प्रदान करती है। मेंहदी का प्रयोग बालों पर पंद्रह दिन के अंतराल में करना समझदारी होता है। आइए देखें मेंहदी से और क्या लाभ हैं जिससे हमारे बाल सुंदर और स्वस्थ रह सकें।
मेंहदी बालों के लिए एक अच्छा कंडीशनर है जो बालों को चमकदार और मुलायम बनाए रखता है।
बालों की लंबाई पर भी मेंहदी का प्रभाव पड़ता है।
बालों की सफेदी छुपाने के लिए इसका नियमित प्रयोग करने से बाल सफेद होने की प्रक्रि या धीमी हो जाती है।
रूखे और बेजान बालों में नई जान आ जाती है।
मेंहदी एंटीसेप्टिक होने के कारण सिर की त्वचा को कोई नुक्सान नहीं पहुंचाती। किसी भी तरह का इंफेक्शन नहीं होता।
यदि बालों में रूसी है तो मेंहदी भिगोते समय दो बड़े चम्मच दही मिला दें। रूसी कम हो जाएगी।
गर्मियों में सिर पर मेंहदी लगाने से दिमाग को ठंडक और आराम मिलता है।
बाल मजबूत बनते हैं।
सिर की मृत त्वचा हटाने में मेंहदी सहायक होती है।
नियमित प्रयोग से बालों का झडऩा और टूटना कम होता है।
गर्मियों में होने वाले सिर दर्द से भी मेंहदी राहत दिलाती है।
यदि आप मेंहदी कंडीशनिंग के लिए प्रयोग में ला रहीं हैं तो इसमें एक अंडे की जर्दी मिलाएं। बाल और अधिक चमकदार मुलायम रहेंगे।
डार्क ब्राउन कलर करने के लिए मेंहदी भिगोते समय एक चम्मच कॉफी भी मिलाएं।
मेंहदी भिगोते समय दो चम्मच नींबू का रस मिलाने से बालों पर रंग अच्छा आता है।
बालों में मेंहदी लगाने से पहले:-
जब भी बालों पर मेंहदी लगाएं, बाल धुले हुए साफ होने चाहिएं।
बालों पर मेंहदी लगाने से पूर्व बालों में तेल नहीं लगा होना चाहिए।
मेंहदी लगाने से पूर्व कानों, माथे, और गर्दन के खुले भाग में वैसलीन लगा लें ताकि जड़ों के आसपास की त्वचा पर मेंहदी का प्रभाव न आए।
मेंहदी लगाते समय हाथों पर ग्लव्ज पहनें ताकि हाथों पर उनका रंग न आए।
बालों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लें। जड़ से छोर तक मेंहदी लगाएं।
मेंहदी बालों पर एकसार लगाएं। कहीं कम ज्यादा न लगाएं।
मेंहदी न तो अधिक पतली घुली हो, न ही बहुत अधिक गाढ़ी। दोनों अवस्थाएं उचित नहीं हैं। मेंहदी अच्छे से फैंट कर घोलें। मेंहदी इतनी गाढ़ी रखें कि वो बालों से न गिरे ताकि आपके कपड़े और अन्य त्वचा पर न पड़े।
मेंहदी बालों में दो घंटों से अधिक न लगाएं। बाल सूख जाने पर मेंहदी निकालते समय बाल टूट जाते हैं। मेंहदी का रंग दो घंटों में अपना प्रभाव बालों में छोड़ देता है। पुराने तौलिये को हल्का सा गीला कर बालों पर लपेट लें ताकि बाल अधिक सूखे न हों।
मेंहदी बालों से निकालते समय ताजे या कुनकुने पानी का प्रयोग करें। मेंहदी निकलने के बाद बालों पर शैंपू न लगाएं। बाल सूख जाने पर तेल से बालों की मसाज करें और अगले दिन बालों को माइल्ड शैंपू से धो लें।
काली मेंहदी बालों पर प्रयोग करने से पूर्व कान के पीछे थोड़े से बालों पर लगा कर टेस्ट कर लें क्योंकि काली मेंहदी में केमिकल्स होते हैं जो सिर की त्वचा और बालों को नुक्सान पहुंचा सकते हैं।
मेंहदी वाले बालों को धोने के पश्चात हेयर ड्रायर का प्रयोग न करें। बाल अधिक खुश्क हो जाएंगे।
– नीतू गुप्ता

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