स्वस्थ रहने के लिए सावधानियां

स्वस्थ रहने के लिए सावधानियां

यदि हमारा आमाशय ठीक है, समय पर भूख लगती है, हमारा आहार आसानी से पच जाता है, कोई खट्टे डकार नहीं, कोई वायु विकार नहीं, कब्ज़ की शिकायत नहीं, मसाना, जिगर, आमाशय कभी तकलीफ़ नहीं देते, तब तो हम यक़ीनन स्वस्थ हैं। यदि ऐसा नहीं है तो हमें कुछ सावधानियां बरतनी होंगी।
– जिस प्रकार हमें अपना शरीर साफ़-सुथरा रखना अच्छा लगता है, उसी प्रकार हमारे अंतर्वस्त्र भी सदा साफ़ रहने चाहिए।
– जिस वातावरण में हम रहते हैं, बैठते हैं, खाते-पीते हैं, सोते हैं, उसे भी पूरी तरह स्वच्छ रखना ज़रूरी हैं। तभी हम निरोग रहेंगे।
– हमारे वस्त्र भले ही कितने सस्ते, मोटे, खादी के क्यों न हों मगर ये लगातार साफ़ रहने चाहिए।
– जिस कमरे में सोते हैं, उनमें खुली हवा आती रहे। क्र ॉस वेंटिलेशन ज़रूरी
है।
– बिस्तर पर लगभग 6-7 घंटे ही सोना है। इस का अर्थ यह नहीं कि रात 12 बजे सोने जा रहे हैं या सोते-सोते दो बजा दिए। रात जल्दी सोने तथा प्रात: जल्दी उठने की आदत डालें। कई बार लोग सूर्य उदय
होने के बाद भी सोए रहते हैं। चाहे देर से सोने को मिले, सूर्य उदय होने से काफ़ी पहले उठना आवश्यक है।
– प्रात: की सैर, व्यायाम, योगासन, जो, जितना कर पाएं ज़रूर करें। थोड़ी, हल्की थकावट महसूस हो, इतना काफ़ी है।
– यदि दोपहर का खाना खाया है तो एकदम चलें नहीं। भारी काम न
करें। यह शरीर के लिए हानिकारक होता है।
– यदि रात का खाना खाया है तो खाने और सोने में दो घंटे का अंतर होना चाहिए। रात के खाने के बाद थोड़ा घूमें, सौ कदम मात्रा।
– रात सोने से पूर्व दांत साफ करना, पांव धोना, तेल लगाना, सिर में थोड़ी तेल-मालिश करना, ईश्वर का धन्यवाद करना, फिर सोना, अच्छी नींद लाता है। थकान दूर करता है।
– नशेड़ी नहीं बनना। शराब, धूम्रपान, गुटका आदि त्याग दें।
– जिन्हें मुंह से सांस लेने की आदत हो, वे मुंह बंद रख कर नाक से सांस लेने का अभ्यास करें। यह बहुत ज़रूरी है।
– अंग्रेजी दवाइयों पर निर्भर रहना बुरी आदत है। प्रकृति पर निर्भर हो कर प्राकृतिक उपाय अपनाएं। इससे रोग भी खत्म होते हैं तथा स्वास्थ्य बुुढ़ापे में भी नहीं बिगड़ता।
– सदा आशावादी बने रहें। प्रसन्न रहने का प्रयत्न करें। क्रोध से दूर रहें। ईष्र्या नहीं करें। केवल अपना ही नहीं, दूसरों का हित भी मांगें। सबके भले में हमारा भी भला छिपा है। ऐसा सोच कर, इन नियमों का पालन करें। सदा स्वस्थ रहेंगे।
-सुदर्शन भाटिया

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