स्पाइस जेट ने नहीं माँगा वीजीएफ

स्पाइस जेट ने नहीं माँगा वीजीएफ

नई दिल्ली। किफायती विमान सेवा कंपनी स्पाइसजेट ने क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) यानी’उड़ान’के तहत क्षतिपूर्ति या वायेबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) नहीं माँगा है।
योजना के तहत सरकार ने दूरी के हिसाब से अधिकतम किराया तय कर दिया है। पाँच सौ किलोमीटर की दूरी के लिए अधिकतम किराया ढाई हजार रुपये रखा गया है। साथ ही इस कारण एयरलाइंसों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए वीजीएफ का प्रवाधान है। सरकार ने आज’उड़ान’ के तहत पाँच एयरलाइंसों को 128 रूटों का आवंटन किया है जिसमें स्पाइस जेट ने कोई वीजीएफ नहीं माँगा है। रूटों का आवंटन रिवर्स बिडिंग के आधार पर किया गया है जिसमें सबसे कम वीजीएफ माँगने वाले को प्राथमिकता दी गयी है।
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स्पाइस जेट के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने आवंटन के बाद बताया कि योजना में सरकार पहले ही काफी छूट दे रही है। विमान ईंधन पर वैट घटाकर एक प्रतिशत कर दिया गया है। हवाईअड्डा शुल्क शून्य है और तीन साल का एकाधिकार भी मिल रहा है। इस प्रकार आरसीएस के रूटों पर फ्लाइटों का परिचालन बिना वीजीएफ के भी फायदेमंद होगा।
स्पाइस जेट को 11 रूटों का आवंटन किया गया है। श्री सिंह ने बताया कि कंपनी जुलाई में आरसीएस के तहत पहली उड़ान शुरू करने की उम्मीद रखती है जो दिल्ली-कानपुर मार्ग पर होगी। उन्होंने बताया कि उड़ान का रूट अमृतसर-दिल्ली-कानपुर बनाया जायेगा जिसमें दिल्ली-कानपुर मार्ग पर 40 से 50 सीटें आरसीएस श्रेणी की होगी। यानी ग्राहकों को 20 से 25 सीटों पर अधिकतम किराया सीमा का लाभ मिलेगा। एयर ओडिशा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनकी कंपनी डेढ़ महीने में आरसीएस की पहली फ्लाइट शुरू करने की उम्मीद करती है। कंपनी को ऑपरेटर लाइसेंस मिल चुका है। वह आरसीएस रूटों पर 20 सीटों वाले विमानों का परिचालन करेगी।  

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