स्तन का मनचाहा आकार कॉस्मेटिक सर्जरी द्वारा

स्तन का मनचाहा आकार कॉस्मेटिक सर्जरी द्वारा

भारत जैसे परंपरागत देश में हमेशा से ही तन की सुंदरता से ज्यादा मन की सुंदरता पर जोर दिया जाता रहा है मगर जैसे-जैसे हम आधुनिकता की ओर बढ़ रहे हैं और विकसित देशों के सम्पर्क में आ रहे हैं, वैसे-वैसे अनुभव हो रहा है कि सुंदर तन और सुडौल काया का व्यक्तित्व के निखार में कितना महत्त्वपूर्ण योगदान है।
अपने आप को सुंदर दिखाने के लिए सबसे पहले महिलाओं और युवा पीढ़ी की लड़कियों में होड़ है लेकिन कुछ ऐसी शारीरिक कमियां हैं जिनके कारण महिलाओं को हीन भावना का सामना करना पड़ सकता है। अधिकांश स्त्रियां अपने स्तनों के आवश्यकता से अधिक बड़ा अथवा छोटा होने के कारण तनावग्रस्त रहती हैं।
छोटे स्तनों को बड़ा करना – अधिकांश स्त्रियां अपने स्तनों को आवश्यकता से अधिक बड़ा अथवा छोटा होने के कारण कुंठाग्रस्त रहती हैं लेकिन अब इस समस्या का निदान कॉस्मेटिक सर्जरी से संभव हो गया है और बड़े स्तनों से अनावश्यक ऊतक निकालकर इन्हें संतुलित आकार प्रदान किया जाता है।
यदि आप के स्तन छोटे हैं या पूरी तरह विकसित नहीं हुए या बच्चों के बाद सिकुड़ गए हों तो सर्जरी आपके लिए बेहद लाभदायक है। इस ऑपरेशन में बस एक चीरा वक्ष के नीचे लगाया जाता है जिसमें इम्पलांट रख दिया जाता है और कुछ टांकों द्वारा इसे बंद कर दिया जाता है। इस सर्जरी को करने में कम से कम दो घंटों का समय लगता है और इसके कोई दुष्परिणाम भी नहीं हैं।
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वक्ष का आकार यदि बहुत बड़ा है तो कंधों व पीठ में दर्द रहने की शिकायत अधिकतर महिलाओं में बनी रहती है। इसका उपचार अति आवश्यक होता है। इसकी सर्जरी आकार बड़ा करने की सर्जरी से थोड़ी बड़ी होती है। वक्ष को छोटा करने को ब्रेस्ट रिडक्शन कहते हैं। इसमें आम तौर पर वक्ष से सर्जरी के द्वारा फालतू वसा को निकाल दिया जाता है और वक्षों को फिर सामान्य आकार में लाया जा सकता है। ब्रेस्ट रिडक्शन विवाह से पहले या विवाह के बाद करवाया जा सकता है।
ढीले वक्षों में कसाव – अब सर्जरी में ढीले वक्षों में कसाव लाया जा सकता है। कई बार पुरूषों में भी यह समस्या पायी जाती है और उनके वक्ष में उभार आ जाता है। अब सर्जरी द्वारा इन्हें भी बेहतर बनाया जा सकता है। वक्षों में ढीलापन त्वचा के ढीलेपन के कारण होता है। इसलिए इस फालतू त्वचा को हटाकर सर्जरी के द्वारा वक्षों में कसाव लाया जा सकता है।
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महिलाओं में स्तन कैंसर – गत वर्षों में देश की महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले बढ़े हैं। स्तन कैंसर के इस बढ़ाव के कई कारण हैं लेकिन स्तन कैंसर के ऑपरेशन के बाद महिलाओं में जो हीन भावना पनपती है, इसके कारण वक्ष के पुन:निर्माण की मांग भी महिलाओं में अब होने लगी है। सर्जरी में कैंसर युक्त वक्ष निकाले जाने के बाद पीठ से मांस पेशी लेकर इसका निर्माण किया जा सकता है।
-मेघा

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