स्टेनलेस इस्पात के गुणवत्ता नियंत्रण पर जोर देने की अपील

स्टेनलेस इस्पात के गुणवत्ता नियंत्रण पर जोर देने की अपील

नई दिल्ली। धातु एवं स्टेनलेस इस्पात उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों तथा आयातकों ने देश में स्टेनलेस स्टील उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार से स्टेनलेस स्टील गुणवत्ता नियंत्रण आदेश को कडाई से लागू कराने की अपील की है।प्रोसेस प्लांट एंड मशीनरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सचिव वी.पी.रामाचंद्रन ने कहा, गैर मानक उत्पादों समेत देश में उत्पादित स्टेनलेस इस्पात का 60 प्रतिशत से अधिक न तो अमेरिकन स्टैंडर्ड फोर टेस्टिग ऑफ मटीरियल्स को मानते हैं न ही स्थानीय बीआईएस मानक को। बीआईएस द्वारा लागू गणवत्ता नियंत्रण आदेश को भी ये पालन नहीं करते हैं। इसे गुणवत्ता नियंत्रण आदेश में तत्काल शामिल किया जाना चाहिए। एक्साइज एंड कस्टम्स, मेटल एंड स्टेनलेस स्टील मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कानूनगो ने कहा, गुणवत्ता नियंत्रण आदेश को यह सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया था कि घरेलू एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं को गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध हो सकें लेकिन देश में बिक रहे स्टेनलेस स्टील उत्पादों में से 60 प्रतिशत से अधिक में एक प्रतिशत से कम निकेल का इस्तेमाल किया जा रहा है। बर्तन बाजार में विशेष तौर पर गुणवत्ता नियंत्रण आदेश लागू नहीं होता और न ही इन पर आईएस या बीआईएस मानक प्रभावी होता है। इसकी जाँच की जरूरत है कि क्यों इन्हें गुणवत्ता नियंत्रण आदेश से बाहर रखा गया है? क्या यह उद्योग जगत के विशेष हिस्से को सुरक्षित बचाने का उपाय नहीं है? उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा लागू स्टेनलेस इस्पात गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के तहत उत्पादकों, आयातकों आदि का ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) के तहत निबंधन अनिवार्य है। बीआईएस में निबंधन के बिना स्टेनलेस इस्पात उत्पादों का उत्पादन, आयात, भंडारण, बिक्री और वितरण प्रतिबंधित है।

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