सोने के गहने खरीदते वक्त बरतें समझदारी…कैश मीमो व गारंटी कार्ड लेना न भूलें!

सोने के गहने खरीदते वक्त बरतें समझदारी…कैश मीमो व गारंटी कार्ड लेना न भूलें!

 पीढ़ी दर पीढ़ी सोने के गहने, महिलाओं की पहली पसंद बने हुये हैं। इनकी खूबसूरती बढ़ाने हेतु इसमें हीरे, मोती,रूबी, नीलम, पन्ना जैसे बहूमूल्य रत्नों से लेकर जरकिन, कटैला, सुनैला, गारनेट जैसे सस्ते उपरत्नों की जड़ाई की जाती है।
पूंजी निवेश के रूप में सोने के गहनों को ही महिलायें पहली वरीयता देती हैं लेकिन ज्यादातर देखा जाता है कि सोने के गहने खरीदते वक्त कुछ बातों को नजरअंदाज कर देती है जिससे भविष्य में उन्हें ही नुक्सान उठाना पड़ता है।
इसीलिए सोने के गहने खरीदते या बनवाते वक्त कुछ महत्त्वपूर्ण बातों का अवश्य ध्यान रखें-
– सोने के गहने कभी भी जल्दबाजी में न खरीदें। उनके टिकाऊपन, उपयोगिता, फैशन टेंरड और शुद्धता की ओर ध्यान देना न भूलें।
– खरीदे गये सोने की शुद्धता की अवश्य जांच करवा लें।
– छोटे से छोटे सोने के आभूषण खरीदते समय भी कैश मीमो व गारंटी कार्ड लेना न भूलें।
– किसी विश्वसनीय प्रतिष्ठित ज्वैलर की दुकान से ही गहने खरीदें। मेले या स्टॉल में लगाई गई अस्थाई दुकानों से खरीदे गए स्वर्णाभूषण, घटिया क्वालिटी के भी हो सकते हैं।
– टांके वाले सोने के गहनों की बजाय, वनपीस गहने ज्यादा मजबूत रहते हैं और इनको वापिस बेचते वक्त उचित मूल्य भी मिलने में आसानी होती है।
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– इन दिनों सोने के तार वाले व जोड़ लगे चित्ताकर्षक सोने के आभूषण प्रचलन में हैं लेकिन ऐसे गहनों की शुद्धता व मज़बूती संदिग्ध हो सकती है।

– मीनाकारी वाले आभूषण यथासंभव न खरीदें क्योंकि ऐसे आभूषण खरीदते वक्त तो ग्राहक को काफी कीमत अदा करनी पड़ती है लेकिन इनको बेचते समय इनकी रिटर्न मनी काफी कम मिलती है।
– घर-घर घूमकर सोने-चांदी के गहने पॉलिश करने वालों की बजाय किसी प्रतिष्ठित व विश्वसनीय सुनार या जहां से आप सोने के गहने खरीदती हों, वहीं से पॉलिश भी करायें।
– सोने के आभूषण ज्यादातर 22 या 20 कैरेट के सोने से ही बनते हैं क्योंकि 24 कैरेट का सोना बहुत मुलायम होने की वजह से आमतौर पर गहने बनाने के काम नहीं आता। इसलिये ज्वैलर को आप जिस कैरेट का सोना गहने में इस्तेमाल किया गया हो, उसी हिसाब से भुगतान करें।
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– दोहरे कैरेट वाले सोने के गहने जैसे 22/18, 20/18 वाले गहने कभी न खरीदें क्योंकि इससे ग्राहकों को दोहरा नुकसान होता है। ऐसे गहने बेचते वक्त सुनार 22 या 20 कैरेट का मूल्य ग्राहक से वसूलते हैं लेकिन वापिस ग्राहक से खरीदते वक्त 20 या 18 कैरेट का मूल्य ही चुकाते हैं।
– नग वाले जेवर खरीदने से पहले ही सुनार से स्पष्ट कह दें कि वह सोने के वजऩ व नगों के दाम अलग-अलग जोड़ कर बतायें क्योंकि ज्यादातर सुनार जड़ाऊ जेवर भी खालिस सोने के भाव में ही तौलते हैं परंतु वापिस लेते वक्त नगीनों को अलग करके सिर्फ सोने के भार के हिसाब से ही भुगतान करते हैं।
– रोज़मर्रा प्रयोग में लिये जाने वाले गहने बहुत हल्के या ज्यादा नगीनेदार न बनवायें या खरीदें।
– किसी और के लिये सोने के गहने खरीदते या बनवाते वक्त संबंधित व्यक्ति को साथ ले जाकर ही डिजाइन पसंद करवायें।
– पूंजी निवेश के लिये शादी ब्याह के मौसम में गहने न बनवायें क्योंकि उस वक्त सोने की कीमत अपेक्षाकृत ज्यादा होती है।
– पूर्णिमा मित्रा

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