सेहत अच्छी रखनी हो तो—

सेहत अच्छी रखनी हो तो—

अच्छी सेहत अच्छे व्यक्तित्व को दर्शाती है। सब लोग चाहते हैं कि उनकी सेहत ठीक रहे। कोई अस्वस्थ नहीं होना चाहता । सब चुस्त व फिट रहना चाहते हैं। कोई आनुवंशिक बीमारी है तो बात भिन्न है नहीं तो अपनी सेहत ठीक रखना आपके अपने हाथ में है।
दिन भर में तरल पदार्थों का काफी सेवन करें:-
पानी हमारे शरीर का प्रमुख तत्व है। जितना वजन हमारा है, उसमें से 60 प्रतिशत अंश पानी होता है। हमारे शरीर के हर सिस्टम के सुचारू चलने के लिए पानी का महत्त्वपूर्ण योगदान है। त्वचा को साफ और सुंदर रखने के लिए दिन भर में खूब पानी पिएं ताकि त्वचा की प्राकृतिक नमी खोने न पाए हमारे पाचन तंत्र को भी सही रखता है। वयस्क व्यक्तियों को दिन भर में 2 लीटर पानी की आवश्यकता होती
है।
नमक का सेवन नियंत्रित करें:-
अधिक नमक का सेवन शरीर को फिट रखने के स्थान पर अनफिट रखता है। सब्जियों में कम मात्र में नमक डालें। खाने के साथ अचार, पापड़, नमकीन व चटनी व दही में नमक डालकर न खाएं। इसके अतिरिक्त सब्जियों की विभिन्नता से बचें। डाक्टरों के अनुसार एक दिन में छोटा चम्मच नमक एक व्यक्ति के लिए काफी होता है।
ताजा खाना खाएं:- खाना ताजा बना हुआ खाएं और खाने का निश्चित समय रखें। चोकर युक्त आटे वाली चपाती खाएं ताकि रेशा शरीर को मिल सके।
वजन पर नियंत्रण रखें:- आयु और कद अनुसार वजन होना सबसे उचित माना जाता है। अधिक मोटापा कई रोगों को निमंत्रण देता है जैसे हृदय रोग और डायबिटीज आदि। आनुवंशिक रूप से आपके परिवार पर मोटापे ने कब्जा जमाया हुआ है तो अपने परिवार के खान पान में धीरे धीरे परिवर्तन लाएं। शारीरिक सक्रियता बढ़ाएं ताकि कुछ कैलोरीज साथ साथ बर्न हो जाएं।
सब्जियां और पोषक तत्व

अपने वजन पर नजर रखें। साप्ताहिक वजन निश्चित समय पर लें। यदि वजन सब कुछ ध्यान रखने पर भी बढ़ रहा हो तो किसी डाइटिशियन से या फिजिकल फिटनेस टे्रनर से सलाह लें।
तनाव पर नियंत्रण रखें:-अधिक तनाव से न तो ढंग से खाया जाता है, न सोया जाता है जो आपकी सेहत पर सीधा प्रभाव डालता है। ऐसे में तनाव के कारणों की लिस्ट बनाएं और विचार करें कि इनमें से क्या छोड़ा जा सकता है, क्या सहना है। स्वयं को समझाएं । स्वयं तनाव पर नियंत्रण न रख पाएं तो किसी मनोचिकित्सक से सलाह लें।
शारीरिक रूप से चुस्त रहें:-अच्छी सेहत के लिए शारीरिक रूप से चुस्त रहना जरूरी होता है जिससे खून का दौरा शरीर में ठीक रहता है और हृदय मजबूत बनता है। मांसपेशियां भी मजबूत बनती हैं। शारीरिक व्यायाम कई तरह से कर सकते हैं जैसे जिम जाकर, जॉगिंग करके, योग द्वारा, एरोबिक्स, लंबी सैर, तैराकी, साइकलिंग करके।
ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्राल लेवल, शुगर की जांच करवाते रहें:- ये सब चीजें ऐसी हैं कि यदि इनकी नियमित जांच करवाते रहें तो आगे आने वाली बड़ी बीमारी के लिए सतर्क हो सकते हैं। यदि आपका रक्तचाप अधिक रहता है और आपको पता ही नहीं तो आप कभी भी दिल के दौरे या ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हो सकते हैं।
सौंफ, इलायची, पान लाभप्रद हैं खाने के बाद…!

इसी प्रकार खून में कोलेस्ट्रॉल की जांच भी जरूरी है क्योंकि कोलेस्ट्रॉल अधिक होने से दिल की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। शुगर अधिक होने से आप मधुमेह रोगी बन जाते हैं जो और कई बीमारियों को निमंत्रण देता है।
शराब और धूम्रपान को करें टा टा:- धूम्रपान शारीरिक क्षमता को कम करता है, ब्लड प्रेशर बढ़ाता है। धूम्रपान से खून में थक्का जमने का खतरा बढ़ता है। धूम्रपान से चेहरे पर झुर्रियां पड़ती हैं, दांतों पर धब्बे और फेफड़ों पर प्रभाव पड़ता है।
धूम्रपान से शरीर को कोई लाभ नहीं मिलता। इसी प्रकार शराब लिवर को नुक्सान पहुंचाती है, वजन बढ़ता है, शारीरिक क्षमता कम होती है, हार्ट को नुक्सान पहुंचाती है। ऐसी चीजों का सेवन क्यों किया जाए जो शरीर को नुक्सान पहुंचाएं।
पर्सनल हाइजिन पर भी ध्यान दें:- अच्छी सेहत के लिए साफ सुथरा रहना, घर का वातावरण स्वच्छ रखना, प्रतिदिन साफ कपड़े पहनना भी जरूरी है। यदि आप अपनी सफाई पर ध्यान नहीं देंगे तो शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है। अपने बाल, नाखून, अंडरगार्मेन्टस, व गुप्तांग साफ रखें।
– नीतू गुप्ता

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