‘सेक्स सुख’ ठीक नहीं जल्दबाजी

‘सेक्स सुख’ ठीक नहीं जल्दबाजी

बिना सोचे समझे उठाए गए कदम, सेक्स के प्रति अपरिपक्वता और शारीरिक आकर्षण आज एक बड़ी समस्या बन गया है। बदन दिखाते कपड़े, बोलने का बिंदास लहजा, गाड़ी, मोबाइल, मस्ती और मनमर्जी करने का भाव, कब सारी-सीमाएं पार हो जाएं, पता ही नहीं चलता। इतना ही नहीं, कुछ शहरों में तो असामाजिक तत्वों ने इस तरह का जाल फैला रखा है कि युवा जोड़े खुद-ब-खुद उनके जाल में फंस जाते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता कि कमरे या ऑफिस के किसी कोने में छुपें गुप्त कैमरे उनकी एक-एक हरकत को दर्ज कर रहे हैं।
फिर इन छोटी मोटी हरकतों की फिल्म के बल पर हो जाता है ब्लैक मेल करने का सिलसिला तथा ‘बड़ी हरकत’ करने पर मजबूर कर दिया जाता है। असामाजिक किस्म के तत्व कब आपके प्यार को ब्लू फिल्म बनाकर बाजार में उतार दें और आपके रहस्य कब आम होकर बदनामी का सबब बन जाएं, कहा नहीं जा सकता।
यूं सेक्स कोई पाप नहीं है, न ही यह बहुत बुरा है अपितु यह भी जीवन का एक हिस्सा है और सेक्स के बिना जीवन अधूरा है। यह भी सच है कि सेक्स से जो आनंद प्राप्त होता है वह अवर्णनीय है। मनोचिकित्सक तो यहां तक कहते हैं-सेक्स कई जटिल बीमारियों में इलाज का काम करता है और बहुत सी मनोविकृतियों से भी बचाता है।
मेकअप करें कुछ ऐसे
मगर जैसे हर कार्य के लिए एक सही स्थान व सही समय होता है, वैसे ही यौनसुख के लिए भी है। यौनक्रियाओं का सार्वजनिक प्रदर्शन न केवल भोंडापन है अपितु मर्यादाओं का उल्लंघन होने के साथ-साथ आप को खतरे में भी डालने वाला है। कहा भी जाता है कि भजन, भोजन और प्रेम एकांत में ही किए जाने चाहिए।
यौनसुख के लिए अपरिपक्व उम्र बहुत खतरनाक है जो आपका पूरा जीवन बर्बाद कर सकती है। इस सुख से पहले जरूरी है स्वयं को इस सुख पाने के काबिल बनाना। यह काबिलियत शरीर, उम्र, मन और मस्तिष्क हर तरह की परिपक्वता के बाद ही आती है। फिर सेक्स कोई ऐसी वस्तु नहीं है कि किया और भूल गए। इस सुख को पाने से पहले सोचना जरूरी है कि क्या आप इसके दायित्वों को निबाह भी पाएंगे? क्या आप अपना और अपने जोड़ीदार का दायित्व, बच्चे का दायित्व, अपना ‘करियर’ तीनों चीजें एक साथ निबाहने में सक्षम हैं? यदि नहीं तो बचिए इस गलत कदम से।
शैंपू करने का सही तरीका
हो सकता है आपका जोड़ीदार, जिसे आप प्रेमी या प्रेमिका जैसा संबोधन भी दे सकते हैं, कहीं महज ‘मजे’ या क्षणिक तृप्ति अथवा सुख के लिए ही तो आपका इस्तेमाल नहीं कर रहा है? कोई भी बड़ा कदम उठाने से पहले अवश्य ही पूरी परख और सावधानी रखनी चाहिए।
जरा सोचिए, ऐसे प्रेमी या प्रेमिका जो शादी तक भी प्रतीक्षा न कर सके, जिसमें इतना धैर्य न हो, कि जीवन में महज एक ही बार आने वाली सुहागरात को भी पाक व पावन ढंग से मना सके, ऐसे व्यक्ति को अपना जीवन साथी बनाकर कैसे और कब तक निबाह पाएंगे आप? इस बात की भी क्या गारंटी है कि सेक्स का नशा उतरते ही ऐसा जोड़ीदार आपको जीवन की राह में बीच में ही छोड़कर चला नहीं जाएगा?
तब क्या करेंगे आप, कहां जाएंगे। किस तरह बीतेगा बाकी जीवन?
इसलिए भ्रम या गलतफहमी में मत पडिय़े। सोचिए, धैर्य रखिये और समाज में उपहास का पात्र बनने की बजाय एक गरिमा प्राप्त कर ले सकते हैं सेक्स सुख का आनंद।
– घनश्याम बादल

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