सेक्स समस्याओं के समाधान हेतु लुभावने विज्ञापन…कहीं आप इनके जाल में तो नहीं फंस गये?

सेक्स समस्याओं के समाधान हेतु लुभावने विज्ञापन…कहीं आप इनके जाल में तो नहीं फंस गये?

सावधान रहें……!, जी हां मैं आपको डरा नहीं रहा हूं। केवल सतर्क रहने के लिए कह रहा हूं क्योंकि सेक्स पावर बढ़ाने की बात हो या इससे जुड़ी आपकी कोई समस्या हो तो आप किसी पत्रिका या समाचार पत्र के लुभावने विज्ञापनों पर न जायें वरना आपको लेने के देने पड़ सकते हैं।
आजकल कुछ फर्जी और झोला छाप डॉक्टर, नीम हकीम और वैद्य शत-प्रतिशत गारण्टेड इलाज और ‘सेक्स टाइम’ बढ़ाने का दावा करते हैं और अपने लुभावने विज्ञापनों में घर बैठे दवा मंगायें, फायदा न होने पर पैसे वापस करने की गारंटी लेने जैसे झूठे वायदे करते हैं।
आप खुद सोचें बिना प्रारंभिक जांच किये और रोग की अवस्था देखे ये नीम-हकीम और झोलाछाप डॉक्टर कैसे जान सकते हैं कि मरीज को कौन सा रोग है? केवल रोग का अनुमान लगाकर इलाज करना कितना उचित है, यह तब पता चलता है जब दवा का कोई गलत प्रभाव मरीज पर होता है और मर्ज खत्म होने की बजाय बढऩे लगता है।
मैं आपको बता दूं कि ऐसे खोखले वायदे करने वाले फर्जी हकीम या डॉक्टर, यह बात अच्छी तरह जानते हैं कि सेक्स से संबंधित तीन-चार विषय ऐसे हैं जिनके समाधान के बदले युवा पीढ़ी के लोग चाहे स्त्री हों या पुरुष, दोनों से अच्छी रकम वसूली जा सकती है। इनमें पहली समस्या लिंग के परिमाप में वृद्धि, वीर्य की मात्रा में वृद्धि, शुक्राणुओं की कमी तथा स्त्रियों में सुडौल और आकर्षक स्तन न होने का भ्रम’ आदि कुछ विषय ऐसे हैं जिस पर लोग पानी की तरह पैसा बहाने को तैयार रहते हैं और वह भी बिना किसी को कुछ बताये चुपचाप।
बाल कथा अहिंसा का जादू
सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाली दवाओं का असर बहुत अच्छा मालूम पड़ता हो लेकिन कुछ दिन बाद व्यक्ति की हालत उस नींबू की तरह हो जाती है जिसके अंदर का सब रस निचोड़ लिया गया हो। आंखों के आगे अंधेरा छा जाना, जी घबराना, हृदय की धड़कन का तीव्र होना और नपुंसकता जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इसके अलावा दवा के गलत प्रभाव से गुप्तांगों से सूजन जैसे लक्षण पाये जाते हैं।
आज युवा वर्ग कुछ गलत धारणाओं का शिकार है। वह प्रतिदिन ‘एक से अधिक बार रतिक्रि या’ करना चाहता है लेकिन उसे यह ध्यान नहीं रहता कि अति किसी भी चीज की बुरी होती है। ‘पुरुषत्व शक्ति’ बढ़ाने वाली दवाओं का वह जब तक प्रयोग करता है तब तक वह पहले से कहीं ज्यादा बेहतर महसूस करता है लेकिन दवा का प्रयोग बंद करने पर उसकी हालत बेहतर की जगह बदतर हो जाती है।
फलों और सूखे मेवों द्वारा संभव है रोगोपचार
यदि हम दुनिया के जाने माने यौन विशेषज्ञों की राय मानें तो उनके अनुसार यौन क्षमता विभिन्न परिस्थितियों में प्रत्येक व्यक्ति में अलग-अलग होती है। यह स्त्री और पुरुष दोनों के अच्छे स्वास्थ्य पर निर्भर है। इसके अतिरिक्त विवाह के पश्चात प्रारंभिक दिनों में अथवा लंबे अंतराल के बाद एक दूसरे से मिलने के बाद भी एक से अधिक बार रतिक्रि या की इजाजत दी जा सकती है।
सभी सरकारी अस्पतालों में यौन रोग विशेषज्ञ या डॉक्टर मौजूद रहते हैं। इसके अलावा आप किसी ‘रजिस्टर्ड दवाखाना या अस्पताल’ में इलाज के लिए जा सकते हैं। जरुरत है तो बस इतनी कि आप सही अस्पताल और उचित डॉक्टर से मिलें और जांच के बाद रोग का पता चल जाने के बाद दवा लें ताकि आपका जीवन सुखी और निरोगी रहे। हमेशा ध्यान रखें कि आपको, झूठे विज्ञापनों और फर्जी झोलाछाप डॉक्टरों और नीम हकीमों के पास कभी नहीं जाना है।’
-मूलचंद विश्वकर्मा

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