सुघड़ गृहिणी के लिये…थोड़ी सी जानकारी से रोक सकती हैं बहुत से नुकसान

सुघड़ गृहिणी के लिये…थोड़ी सी जानकारी से रोक सकती हैं बहुत से नुकसान

4 भाग-दौड़ की जिंदगी में छोटे-मोटे ऐसे बहुत से नुकसान होते रहते हैं जिन्हें मात्र थोड़ी सी जानकारी से रोक सकते हैं।
– शू- पॉलिश की डिब्बी सदा छोटी प्रयोग करें क्योंकि बड़ी डिब्बी का पूर्ण प्रयोग होते-होते सूख जाती है।
– टूथ-पेस्ट, शेविंग क्रीम दबाने पर न निकलने पर ट्यूब को काटकर भीतरी पेस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
– नहाने व कपड़े धोने के साबुन काफी घिस जाने पर फेंके नहीं बल्कि वाशिंग मशीन में पाउडर की जगह व हाथ-धोने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
– सब्जियों के जरूरी तत्वों को बचाए रखने के लिए उन्हें काटने के बाद न धोएं।
– पौष्टिकता के लिए आटा चोकर सहित प्रयोग करें।
– खाना छोटे मुंह के बर्तन में व ढक कर पकायें। इससे गैस कम खर्च होती है व खाना जल्दी पकता है।
– गैस की आंच इतनी रखें कि वह बर्तन से बाहर न आये।
– फ्रिज खोलने से पहले तय कर लें कि क्या निकालना है।
– आवश्यकता न हो तो फ्रिज का दरवाजा कम खोलें और सफाई फ्रिज को बंद करके ही करें।
– किचन, बाथरूम, गैलरी व लैम्प में कम वॉट के बल्ब से काम चलाया जा सकता है।
बनाइये कुछ विशेष व्यंजन..और लिजिए स्वाद के चटकारे

– जिस कमरे में लाइट की आवश्यकता न हो वहां स्विच ऑफ रखें।
– चींटियों को भगाने के लिए आटा व हल्दी की जगह नमक मिला पानी इस्तेमाल कर सकती हैं।
– यदि नमक का प्रयोग खाने के लिए न करना हो तो सस्ता नमक प्रयोग कर सकते हैं।
– किसी भी प्रकार का पैक सामान खरीदने से पहले उसकी कीमत, निर्माण तिथि, अंतिम तिथि और वास्तविक भार अवश्य देखना चाहिए।
– घर से सीलन दूर करने के लिए बिस्तरों व कपड़ों को धूप दिखाते रहें। इससे कीड़ों से भी सुरक्षा रहती है।
– साफ-सफाई के लिए मोटर से भरे पानी का प्रयोग न करके हैंडपम्प के पानी का प्रयोग किया जा सकता है। ऐसा करने से बिजली की फालतू खपत नहीं होती।
– घर में कैंची, प्लास, पेचकस, पैन, पेन्सिल, रबड़, शॉपनर, गम, स्केल जैसी जरूरत की चीजें होनी चाहिए तथा ऐसी जगह होनी चाहिए जहां से परिवार का हर सदस्य इनका बखूबी इस्तेमाल कर सकें।
– यदि रोशनी में सोने की आदत है तो जीरो वाट के बल्ब का प्रयोग कर सकते हैं।
– सरकारी बिलों को समय रहते भर दें ताकि अधिभार से बचा जा सके।
– बाजार में खरीदारी तड़क-भड़क देख कर नहीं बल्कि जरूरत को देखकर करनी चाहिए।
– इस भागती दौड़ती जिदंगी में मेडिटेशन अवश्य करना चाहिए। इसे योग द्वारा किसी को गुरू बनाकर या किसी योग संस्थान के सहयोग से कर सकते हैं।
– प्रमोद एस रावतआप ये ख़बरें अपने मोबाइल पर पढना चाहते है तो दैनिक रॉयल unnamed
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