सावधान रहे…खराटे यानि ‘स्लीप एप्निया’…बन सकता है कई बीमारियों की वजह

सावधान रहे…खराटे यानि ‘स्लीप एप्निया’…बन सकता है कई बीमारियों की वजह

sleepingसोते समय खर्राटे लेना एक आम समस्या बन गई है। विश्व की आधी जनसंख्या इसकी चपेट में है। खर्राटे वैवाहिक एवं पारिवारिक जीवन में न सिर्फ बाधा उत्पन्न करते हैं अपितु किसी गंभीर रोग की ओर संकेत करते हैं। वैज्ञानिक शब्दों में खर्राटे ‘स्लीप एप्निया’ के नाम से जाने जाते हैं। आधुनिक विधियों से इसका समूल उपचार संभव है। यह भी हृदय रोग, दिल और मस्तिष्क दौरों, पक्षाघात, मोटापा, श्वसन में रूकावट जैसे खतरनाक रोगों एवं मौत का कारण बनते हैं। एक आंकलन के अनुसार विश्व की आधी जनसंख्या खर्राटे लेती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार प्रत्येक दस में से एक व्यक्ति खर्राटे अवश्य लेता है। इनमें से 80 प्रतिशत लोगों को पता ही नहीं होता कि वे नींद में खर्राटे लेते हैं।
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अब यह डॉक्टर भी मान चुके हैं कि खर्राटों का संबंध उच्च रक्तचाप, एंजाइना, दिल एवं मस्तिष्क के दौरों जैसे हृदय रोगों, श्वसन रोग, मोटापे, दांपत्य जीवन में दरार एवं नवजात की सोए-सोए मौत तथा सड़क दुर्घटना, औद्योगिक दुर्घटना, स्मरण शक्ति, एकाग्रता लोप, अनिद्रा, सुबह के समय सिर दर्द और थकावट, कार्य क्षमता में कमी, नपुंसकता आदि से है। जब व्यक्ति सो रहा होता है तो उसकी जीभ पीछे की ओर पलट कर तालू से चिपक जाती है। सांस लेने के दौरान मुंह से हवा लेने के कारण जीभ और तालू में एक दूसरे के विरूद्ध कंपन होता है जिससे खर्राटे आने लगते हैं।गहरी नींद के समय जीभ गले की मांसपेशियों के बीच इस कदर फंस जाती है कि व्यक्ति 10, 20 या 30 सैकंड तक सांस नहीं ले पाता है। इस क्षणिक अवधि के कारण कोई आवाज नहीं निकलती। विशेषज्ञों के अनुसार इस बीमारी के शिकार लोगों की श्वांस नली अपेक्षाकृत संकरी होती है। गहरी नींद के दौरान बार-बार सांस अवरूद्ध अथवा बंद होने के कारण व्यक्ति को पर्याप्त आक्सीजन नहीं मिल पाता जिससे शरीर में इसकी कमी की पूर्ति के लिए हृदय को अधिक काम करना पड़ता है। इस कारण हृदय को क्षति पहुंचती है और रक्तचाप भी अधिक हो जाता है।
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निदान:-नींद की दवा न लें। इससे गहरी नींद आती है और व्यक्ति एक ही करवट सोता है जिससे खर्राटे आते हैं।
. पीठ के बल सोने से खर्राटे आने की संभावना बढ़ जाती है अतएव जब नींद आए, तब दाईं या बाईं करवट लेट जाएं।
. रात्रि के समय अधिक खाने से गहरी नींद और खर्राटे आते हैं।
. सोते समय सर्दी या नाक जाम न हो। यदि ऐसा हो तब गर्म पानी अथवा गर्म दूध में हल्दी डालकर पिएं। गर्म दूध या पानी पीने से नाक खुल जायेगा किन्तु शक्कर डालने पर गहरी नींद आएगी और खर्राटे की स्थिति बन जाएगी। नाक खोलने के लिए कैप्सूल भी मिलता है जिसे रूमाल में लगाकर सूंघने से नाक खुल जाती है।
. नाक पर षडबिंदू तेल या बादाम तेल की एक दो बूंद डालें, सांस लें।
समस्या अधिक गंभीर होने पर आपरेशन किया जाता है। यह पता नाक, कान, गले वाले डॉक्टर आधुनिक मशीनों से लगाते हैं कि मरीज को श्वसन संबंधित क्या शिकायत है।
– सीतेश कुमार द्विवेदी
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