सलाहकार समिति ने तेज की कोच चुनने की प्रक्रिया

सलाहकार समिति ने तेज की कोच चुनने की प्रक्रिया

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की तीन सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने राष्ट्रीय टीम के लिये मुख्य कोच चुनने की प्रक्रिया को तेज करते हुये बैठक की है। बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने कहा कि क्रिकेट सलाहकार समिति ने गुरूवार को अपनी बैठक बुलाई थी जिसमें भारतीय टीम के नये मुख्य कोच को लेकर चर्चा की गयी है और सीएसी बीसीसीआई को सही समय पर इसकी जानकारी दे देगी। पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण इस समिति के सदस्य हैं जो राष्ट्रीय टीम के कोच को चुनने के लिये उम्मीदवारों का साक्षात्कार करेगी। कोच की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने और साक्षात्कार का कार्यक्रम तय करने के लिये सीएसी की बैठक इस सप्ताह होना अनिवार्य थी जिसके मद्देनजर गुरूवार को तीन सदस्यीय समिति ने बैठक की है। हाल ही में बीसीसीआई ने एक विज्ञापन देकर भारतीय टीम के नये कोच के लिये आवेदन मांगे थे। टीम के मुख्य कोच वर्तमान में पूर्व क्रिकेटर अनिल कुंबले हैं जिनका एक वर्ष का कार्यकाल इंग्लैंड में चल रही आईसीसी चैंपियंस ट्राफी के बाद समाप्त होने जा रहा है जहां विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम खेल रही है।
कथिततौर पर कुंबले और विराट के बीच मतभेदों के कारण बोर्ड नया कोच ढूंढ रही है जबकि कई खिलाडियों के कथित रूप से विरोध के बावजूद कुंबले ने कोच पद के लिये आधिकारिक रूप से फिर आवेदन कर मुकाबले को रोमांचक बना दिया है। कुंबले अब भारतीय टीम के कोच के लिये शार्ट लिस्ट किये गये छह उम्मीदवारों का हिस्सा बन गये हैं। इन उम्मीदवारों का सीएसी साक्षात्कार करेगी। इन उम्मीदवारों में कुंबले ,पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेन्दर सहवाग, आईपीएल टीम सनराइजर्स हैदराबाद के कोच टॉम मूडी, इंग्लैंड के रिचर्ड पाइबस, अफगानिस्तान के भारतीय कोच लालचंद राजपूत और डोडा गणेश शामिल हैं। आस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज केग मैकडरमाट ने भी आवेदन किया था, लेकिन वह 31 मई की समयसीमा के बाद पहुंचा था। इसके बावजूद सीएसी उनके आवेदन की जांच करेगी और साक्षात्कार के लिये उनकी योग्यता पर फैसला लेगी। बीसीसीआई 18 जून को चैंपियंस ट्राफी की समाप्ति से पहले कोच की घोषणा कर देना चाहती है क्योंकि भारत को चैंपियंस ट्राफी के तुरंत बाद सीमित ओवरों की सीरीज के लिये वेस्टइंडीज का दौरा करना है। कुंबले का एक साल का कार्यकाल चैंपियंस ट्राफी के बाद समाप्त हो रहा है। उनका कार्यकाल सफल रहने के बावजूद बीसीसीआई ने कोच पद के लिये आवेदन मंगाये हैं। इसके पीछे कुंबले की कार्यशैली के प्रति विराट और कई अन्य खिलाडियों की नाराजगी बताई जाती है। सीएसी के सदस्यों सचिन और गांगुली ने इस बीच पूरे हालात का जायजा लेने के लिये विराट से बातचीत की थी, लेकिन वे साक्षात्कार तक कुंबले से बातचीत नहीं कर पायेंगे। बीसीसीआई इस संदर्भ में अपनी निर्धारित प्रक्रिया का पालन चाहती है। नये कोच को दो साल का अनुबंध मिलना है जिसमें 2019 का विश्वकप मुख्य लक्ष्य होगा।

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