सर्दियों में स्वेटर बुनना फायदेमंद…तोहफे के लिए भी है अच्छा विकल्प

सर्दियों में स्वेटर बुनना फायदेमंद…तोहफे के लिए भी है अच्छा विकल्प

Mother and daughter knitting woolen scarf. Mom teaching child to knit. Crafts and hobby for parents and kids. Toddler girl kid with wool yarn in a basket. Knitted clothing for family with children. आजकल की युवतियां स्वेटर बुनना समय की बर्बादी समझती हैं। शायद अधिक पढ़ लिख, करियर बनाने की फेहरिस्त में उन्हें स्वेटर बुनना समय की बर्बादी लगता है। यह सच भी है। यह काम तो दादी- नानी को करना अच्छा लगता है ताकि वे अपने आपको व्यस्त रख सकें और कुछ कलात्मक काम कर स्वयं को संतुष्ट कर सकें। पोते-पोतियों, दोहते-दोहतियों को पहना कर उनका मन बहुत पसंद होता है। आइए देखें स्वेटर बनाना भी सेहत हेतु लाभप्रद कला है।
चिंता से पाएं मुक्ति:-
बुनाई करना एक ऐसा शौक है कुछ घंटे बुन कर जो परिणाम सामने आते हैं वे बेहद खूबसूरत लगते हैं। इससे मन का दबाव, चिंताएं कम होती हैं। जैसे जैसे बुनाई बड़ी होती जाती है और हिस्से पूरे होते जाते हैं उस समय बनाने वाले के चेहरे की रौनक और खुशी कुछ भिन्न होती है। एक होममेकर ने अपने तुजुर्बा शेयर करते हुए कहा, पहले मैं भी बड़ी खुंदक खाती थी जब मां को स्वेटर बुनना देखती थी पर अब मेरे बच्चे बड़े हो गए हैं, मैंने भी मां से स्वेटर बुनना सीखा और समय का सदुपयोग कर फालतू की चिंताओं को दूर किया।
रंगों का चुनाव भी एक मजेदार प्रक्रिया:-
पिछले कुछ वर्षों में ऊन के रंगों में विभिन्नता इतनी बढ़ गई है कि दुकान पर जाकर रंग का चुनाव करना भी एक मजेदार प्रक्रिया है। अगर स्वेटर दो या दो से अधिक रंग का बनाना हो तो उन्हें मिक्स एंड मैच करना भी एक मजेदार प्रक्रिया है। घर के बने स्वेटर ज्यादा गर्म होते हैं और सालों साल चलते हैं। बनाने की मेहनत के बाद फल भी मीठा मिलता है।
तोहफे के लिए भी अच्छा विकल्प है स्वेटर:-
स्वेटर बनाकर अपने प्रियजन को तोहफे के रूप में देना भी एक अच्छा विकल्प है, मतलब जिंदगी भर आप उनके साथ यादों में रहेंगी। बुनाई के माध्यम से आप अपने भाव दूसरों तक पहुंचाते हैं बिना कुछ कहे। स्वेटर,मफलर, जुराबें, दस्ताने,टोपी कुछ भी समयानुसार बनाकर अपनों को बेहतरीन तोहफे के रूप में दिया जा सकता है।
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स्वेटर बुनने के लाभ:-
– स्वेटर बुनने से हाथों को जल्दी काम करने की आदत पड़ जाती है।
– मानसिक रूप से संतुष्टि मिलती है कि जो आप मेहनत कर रहे हैं, उसका परिणाम साथ साथ मिल रहा है।
– एक घंटा बुनाई करने पर 55 कैलोरी खर्च होती हैं। दिमाग की 60 प्रतिशत गतिशीलता बढ़ती है। हाथों की सक्रियता के साथ साथ दिमाग भी सक्रिय रहता है।
– कुछ भी क्रिएटिव काम करने से भूलने की आदत भी कम होती है।
– स्वेटर बनाते समय दिमाग, आंखों और हाथों का तालमेल बना रहता है जो स्वास्थ्य हेतु भी लाभप्रद है।
– सुनीता गाबा 

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