सरिता ने जीत के साथ किया प्रो करियर का आगाज

सरिता ने जीत के साथ किया प्रो करियर का आगाज

इंफाल। अपने पहले प्रोफेशनल मैच में उतरी मुक्केबाज सरिता देवी ने हंगरी की सोफियो बेडो के जीत के तमाम दावों को ध्वस्त करते हुये उन्हें 3-0 से हराकर अपने प्रोफेशनल मुक्केबाजी करियर का आगाज जीत के साथ किया। मुकाबले में प्रवेश करते ही सरिता भारत की पहली महिला प्रोफेशनल मुक्केबाज भी बन गई। पिंकी जांगड़ा, अनुभवी सोम बहादुर पून ने भी अपने अपने मुकाबले जीते। 2014 के कॉमनवेल्थ खेलों की रजत पदक विजेता सरिता पूरे मुकाबले में 59 प्रोफेशनल मुकाबलों का विशाल अनुभव रखने वाली हंगरी की सोफिया पर पूरी तरह हावी रहीं। उन्होंने जोरदार पंच लगाते हुये सोफियो को एकतरफा अंदाज में 3-0 से शिकस्त दी। सोफिया के पेशेवर मुकाबलों का लंबा अनुभव था लेकिन पहला प्रो मुकाबला खेल रहीं सरिता उनसे बेहतर मुक्केबाज साबित हुई। जीत के बाद सरिता ने कहा, कि एशियाई खेलों में हुई घटना बेहद दर्दनाक थी। यह एक बड़ा कारण था जिसकी वजह से मैंने पेशेवर मुक्केबाजी का रुख किया। किसी भी मां के लिए बच्चे से दूर रहना और उसको दूध नहीं पिलाना सबसे बड़ा त्याग है।
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मैंने यह त्याग आज के दिन के लिए किया। उल्लेखनीय है कि मुकाबले की घोषणा के बाद से ही सोफिया और सरिता के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हो गया था। हंगरी की स्टार मुक्केबाज ने कहा था कि वह सरिता को एक बार फिर आंसू बहाने पर मजबूर कर देंगी लेकिन लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने घरेलू दर्शकों के सामने उनकी चुनौती को ध्वस्त कर दिया। इससे पहले पिंकी जांगड़ा ने अपने पहले पेशेवर मुकाबले में स्लोवाकिया की क्लाडिया फेरेंजी को 40-36, 40 36, 40-36 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। अनुभवी सोम बहादुर पून ने लाइट हैवीवेट वर्ग में थाईलैंड के मनोप सिथियेम को साढ़े चार मिनट में नाक आउट करके पेशेवर करियर की शानदार शुरुआत की। सुपर वेल्टर वर्ग राष्ट्रीय चैम्पियन खिताबी मुकाबले में चार बार के चैम्पियन सिद्धार्थ वर्मा ने तकनीकि नाकआउट के जरिए जगन्नाथ को हराकर अपना खिताब बरकरार रखा। हालांकि एक अन्य अनुभवी भारतीय मुक्केबाज विपिन कुमार को हालांकि तीसरे दौर में ही युगांडा के मुबारक सेगुया ने नॉकआउट कर दिया।

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