‘सफेद दाग’ छुपायें नहीं..सफेद दाग नहीं होता कोढ़

‘सफेद दाग’ छुपायें नहीं..सफेद दाग नहीं होता कोढ़

sefad-dag हमारे शरीर के किसी भी बाहरी हिस्से अर्थात त्वचा में ‘कलर पिगमेंट’ बनना बंद हो जाता है तो वहां की त्वचा सफेद दाग का रूप ले लेती है अत: शरीर पर छोटा सा सफेद दाग नजर आने पर अथवा त्वचा के रंग में परिवर्तन होने पर तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास जाना चाहिए। याद रखिए हर सफेद दाग कोढ़ नहीं होता और न ही छूत की बीमारी है।
सफेद दाग शरीर में कभी भी किसी भी स्थान पर किसी आयु में हो सकते हैं। फिर भी सफेद दाग शरीर के खुले (बाहरी) हिस्सों पर अधिक होते हैं जैसे मुख, होंठ, गर्दन, हाथ, कोहनी तथा पैर आदि। कुछ सफेद दाग हठीले होते हैं जैसे हड्डी या जोड़ों (हाथ-पैर के मोड़ों, कोहनी-घुटने) पर या ऐसे सफेद दाग, जिन पर सफेद बाल आ गए हों अथवा वंशानुगत दाग आदि।
प्रारंभ में जब ये सफेद दाग छोटे-छोटे हैं तो इनके छुपाने की कोशिश भी नासमझी में हो जाती है या फिर भ्रमित करने वाले विज्ञापनों स्वयंभू डॉक्टरों, दोस्तों या पड़ोसियों के सलाह मशवरे के अनुसार घरेलू नुस्खों द्वारा इलाज का असफल प्रयास किया जाता है।
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परिणामस्वरूप सफेद दाग पूरे शरीर में फैल जाते हैं और शरीर की अधिकांश त्वचा सफेद हो जाती है।
सफेद दाग की चिकित्सा अत्याधुनिक फोटोथेरेपी मशीन, शल्य चिकित्सा तथा दवाओं के द्वारा की जाती है।
फोटोथेरेपी मशीन की किरणें शरीर के रंग बनाने वाले कणों को रंग बनाने के लिए प्रेरित करती हैं जिससे सफेद दाग पर स्वाभाविक रंग आ जाता है। यह एक सुरक्षित और असरकारक इलाज होता है। शल्य चिकित्सा के तरीके निम्नानुसार हैं:-
1. पंच ग्राफ्टिंग
2. ब्लिस्टर ग्राफ्टिंग
3. डर्म एबरेशन
4. टैटुंइग
पंच ग्राफ्टिंग में जांघ के हिस्से की चमड़ी 1 मि मी से लेकर 355 मिमी तक निकालकर उसे यंत्रों के द्वारा प्रभावित शरीर के क्षेत्रों में पंच किया जाता है। हमारी सामान्य त्वचा में कलर पिगमेंट उत्पन्न करने की क्षमता होती है।
अत: प्रभावित क्षेत्रों में ग्राफ्ट करने के बाद रंग के फैलाव से त्वचा के रंग में सुधार आ जाता है।
डम एबरेशन के माध्यम से शरीर के उस हिस्से में, जिसका रंग सफेद हो गया है, रंगीन पिगमेंट पैदा करने की क्षमता पैदा की जाती है। सभी शल्य चिकित्सा अस्पताल में भर्ती हुए बगैर लोकल एनेस्थीसिया के द्वारा सम्पन्न होती है और मरीज अस्पताल से तुरंत घर जा सकता है लेकिन केवल शल्य चिकित्सा ही इसका निदान नहीं है। यह उन्ही के लिए संभव है जिन मरीजों में बीमारी का फैलाव नहीं रहा है।
सफेद दाग के प्रभावी तथा बेहतर इलाज के लिये उपरोक्त शल्य चिकित्सा के साथ फोटोथेरेपी का इस्तेमाल करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं।
– सेतु जैन

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