सक्रियता और पौष्टिक आहार मानसिक रोगों को रखते हैं दूर..!

सक्रियता और पौष्टिक आहार मानसिक रोगों को रखते हैं दूर..!

तनाव भरी जिंदगी से जूझ रहे लोग बहुत जल्दी मानसिक रोगी बन जाते हैं। यह समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। अगर प्रारंभ में ही इसके लक्षणों को पहचाना जाए और समय पर इलाज कराया जाए तो हम इस समस्या पर काबू पा सकते हैं।
मानसिक रोगों में बात को जल्दी भूल जाना, सामान रख कर भूलना, डरना, तनावग्रस्त रहना ये लक्षण अक्सर हो सकते हैं।
जानकारी के अभाव में अधिकतर लोग इन लक्षणों को पहचान नहीं पाते या फिर उन लक्षणों को गंभीरता से नहीं लेते। ऐसे में यह लक्षण बढ़कर गंभीर रूप ले लेते हैं।
क्या है मानसिक रोग:-
स्वस्थ व्यक्ति से अगी मानसिक रोगी की तुलना करें तो ऐसे व्यक्ति व्यवहार में असामान्य होते हैं। मनोरोग मस्तिष्क में रासायनिक असंतुलन के कारण होते हैं। इनका उपचार विशेषज्ञ ही उचित रूप से कर सकते हैं। आजकल मानसिक रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके पीछे आनुवंशिक, सामाजिक, पर्यावरण कारण हो सकते हैं।
बच्चों में थोड़ी शरारत भी जरूरी…!

कभी कभी बचपन में ऐसी कोई दुर्घटना हो गई हो या कुछ ऐसा देखा हो उस शॉक का मन पर प्रभाव गलत पड़ा हो उससे वे बातें उनके मन में स्थान बना लेती हैं जिन्हें निकालना मुश्किल होता हे। सिर में चोट लगने से, लगातार तनावग्रस्त रहने से, लगातार नींद न आने से भी मनोदशा खराब हो जाती है जो रोग बन जाता है।
इनसे बचने के लिए करें कुछ उपाय:-
– अगर परिवार में कोई मानसिक रोगी है तो मनोचिकित्सक से उसका उचित इलाज करवाएं। रोगी को पूरा सहयोग दें।
– व्यस्त रखें। अगर थोड़े बहुत लक्षण स्वयं में या परिवार के किसी सदस्य में दिखें प्रयास कर उसे व्यस्त रखें।
– संतुलित आहार लें।इन उपायों से गर्मी में रहें कूल-कूल

– शारीरिक व्यायाम नियमित करते रहे।
– कुछ दिमागी खेल खेलते रहे ताकि दिमाग की सक्रियता बनी रहे।
– पर्याप्त पानी पिएं।
– पर्याप्त नींद लें।
– पुस्तकें पढ़ते रहें।
– योग करें, ध्यान सीखें ताकि मन और दिमाग दोनों शांत बने रहें।
– सारिका

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