शौक अपने-अपने

शौक अपने-अपने

हर एक का अपना-अपना कोई न कोई शौक होता है। ऐसे विरले ही होंगे जिन का कोई शौक न हो। किसी को खाने पीने का शौक होता है तो किसी को अच्छा पहनने ओढऩे का।
कुछ लोगों को पढऩे-लिखने का शौक होता है। कई कई पुस्तकालयों के सदस्य बनते हैं। ढेरों पत्र-पत्रिकाएं मंगाते हैं। पुस्तकें खरीदते हैं। लेख, कहानी,कविता, निबंध, व्यंग्य आदि लिखते हैं। कुछ लोग और कुछ नहीं तो संपादक के नाम पत्र ही लिखा करते हैं।
पान का शौक करने वाले अपनी पसंद के पान के लिए मीलों दूर तक चले जाते हैं। ताश, चौसर, शतरंज आदि का शौक तो खैर साधारण बात है। गपशप करना भी अपने आप में एक शौक है। इस में भी कुछ लोगों को राजनीति पर ही बहस करने का बहुत शौक होता है।
पीने-पिलाने का शौक रखने वालों की अपनी ही अलग दुनिया है। वे अपनी बिरादरी बढ़ाने हेतु निरन्तर प्रयत्नशील रहते हैं। वे खुशी मनाने हेतु तो पीते ही हैं, गम भुलाने हेतु भी पीते हैं।
कई लोगों को अपनी दौलत की नुमाइश करने का शौक होता है। वे अपनी पत्नियों को चलता फिरता ज्वैलर्स का शो-रूम बना देते हैं। इस वर्ग में नव-धनाढ्य अधिक आते हैं। कई लोगों को बीमार पडऩे अथवा बीमारी के नाम पर घर-परिवार वालों का ध्यान आकर्षित करने तथा मित्रों, संबंधियों, परिचितों की सहानुभूति बटोरने का शौक होता है।
जब आपको एक औरत पसन्द करती है, तब आप एक पति हैं.. !

खाने-पीने का शौक रखने वालों की पत्नियों के मजे भी हैं और मुसीबत भी। भान्ति-भान्ति के पकवान व खाद्य पदार्थ उन्हें खाने को मिलने के अलावा पति का निरन्तर सामीप्य और सहयोग भी उन्हें मिलता रहता है मगर कई गृहणियों को इससे असुविधा और झुंझलाहट होती है। संभवत: रसोई में उनके एकछत्र सामाज्य में विध्न पड़ता है। यूं भी एक कहावत है ना कि हर समय का सामीप्य दूरी उत्पन्न कर देता है।
डॉक्टरों का कहना है कि अच्छे स्वास्थ्य और सामान्य निरोग जीवन हेतु मनुष्य के लिए किसी न किसी हाबी, शगल या शौक का होना नितांत आवश्यक है। इस से मानसिक ही नहीं, शारीरिक थकान भी दूर होती है। मन-मस्तिष्क तरोताजा और रिचार्ज हो जाता है।
जिंदगी को नीरस और उददेश्यहीन होने से बचाने के लिए कोई न कोई अच्छा शौक तुरन्त अपना लीजिए। कुछ और समझ में न आए तो कोई कुत्ता, बिल्ली, तोता आदि पाल लीजिए।
‘प्रेम विवाह’ के रास्ते में रूकावट बनते जाति धर्म के बंधन…!

कुछ गमलों में फूल पौधे ही लगा लीजिए। आज के निरंतर कठिन और दुरूह होते जा रहे जीवन की अगणित समस्याओं से थोड़ी देर के लिए ही सही, आप का ध्यान बंटाने में अच्छे शौक अत्यधिक सहायक होंगे।
– ओमप्रकाश बजाज

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