शुभ-अशुभ की पूर्व सूचना दे देती है छींक

शुभ-अशुभ की पूर्व सूचना दे देती है छींक

छींक एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। स्वास्थ्य विज्ञान के अनुसार छींक आना स्वास्थ्य की निशानी है। सर्दी-जुकाम की छींक मनुष्य को परेशान कर देती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार छींक शुभ तथा अशुभ की जानकारी पहले ही दे देती है।
अगर छींक के प्रकारों पर ध्यान दिया जाए और तदनुरूप कार्य किया जाए तो उसके यथार्थ परिणाम आश्चर्यचकित करने वाले हुआ करते हैं। कौन-सी छींक शुभकारक होती है और कौन-सी अशुभ कारक, इसे निम्नानुसार जाना जा सकता है।
– सोमवार के दिन पूर्व दिशा में जाते हुए छींक हो तो शुभ, पश्चिम में लाभ, उत्तर में अच्छे व्यक्ति से मुलाकात तथा दक्षिण दिशा में जाते समय छींक हो तो शरीर पर घातक प्रयोग या दुर्घटना का योग ज्योतिष शास्त्र के अनुसार होता है।
– अगर मंगलवार को पूर्व दिशा में जाते समय छींक हो तो शुभ, पश्चिम दिशा में घातक, उत्तर तथा दक्षिण दिशा में जाते समय छींक को अतिशुभकारक माना जाता है।
– बुधवार के दिन पूर्व दिशा में जाते समय अगर छींक हो तो हानि, पश्चिम में कलह या झगड़ा, उत्तर में सज्जन से भेंट तथा दक्षिण में जाते समय छींक का होना शुभकारक माना गया है।
– बृहस्पतिवार (गुरूवार) के दिन पूर्व दिशा में जाते समय अगर छींक हो तो शत्रु को परास्त होना, शत्रु पर विजय की प्राप्ति, पश्चिम में जातक (जाने वाले के लिए) अशुभ, उत्तर में धन की हानि तथा दक्षिण दिशा में जाते समय छींक आने का अर्थ होता है कार्य की सिद्धि में विलम्ब होना।
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– शुक्रवार के दिन पूर्व दिशा में जाते समय छींक का होना शुभ एवं लाभ का प्रतीक होता है। पश्चिम में लाभ, उत्तर में धन का नाश तथा दक्षिण दिशा में शुभकारक माना गया है।
– शनिवार के दिन पूर्व दिशा में जाते समय छींक हो जाय तो धन-नाश, कार्यारम्भ के समय छींक हो जाय तो कार्य संपादन में विलम्ब, पश्चिम दिशा में हानि तथा उत्तर-दक्षिण दिशा में जाते समय अगर छींक आ जाए तो यह अति शुभ होता है। बिगड़ा काम बन सकता है।
– अगर रविवार के दिन पूर्व दिशा में प्रस्थान करते समय छींक हो तो लाभदायक, पश्चिम में तथा दक्षिण में शुभ तथा उत्तर में लाभ देने वाला एवं अत्यंत शुभ माना जाता है।
– अगर चिकित्सक रोगी को देखते समय छींक दे तो समझिये कि रोगी शीघ्र ही स्वस्थ होने वाला है।
– अगर घर में कोई बीमार हो और उसे दिखाने के लिए डॉक्टर को बुलाने कोई जा रहा हो और उसे रास्ते में छींक आ जाए तो इसे महा अशुभ माना जाता है।
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– अध्ययन करते समय या औषधि सेवन करते समय अगर छींक हो तो व्यक्ति विद्वान बनेगा तथा उच्च पद को प्राप्त करेगा। अगर रोग हो तो वह शीघ्र रोगमुक्त हो जाएगा।
– अगर व्यापार आरंभ करने पर तुरंत छींक हो तो समझिये कि व्यापार काफी तरक्की पर पहुंचने वाला है तथा व्यापारी काफी धनाढ्य होने वाला है।
– बिस्तर पर जाने से पूर्व छींक होना अशुभ माना जाता है। सैक्स क्रिया के पूर्व की छींक सन्तुष्टिदायक मानी जाता है। इसी प्रकार सेक्स क्रिया (सहवास काल) की छींक स्वास्थ्य के लिए अस्वस्थ करने वाली मानी जाती है।
– किसी कार्य को सम्पन्न करने के लिए जाते समय अगर छींक हो तो समझना चाहिए कि वह कार्य सम्पन्न होने वाला नहीं है। अत: उस दिन कुछ देर रूकने के बाद ही जाना चाहिए।
– अगर गन्तव्य स्थान पर पहुंचते ही या नगर में जाते ही छींक हो तो यह अशुभ होता है, किंतु अगर आपके सामने उस समय तत्काल कोई छींक दे तो वह शुभ होता है।
– देवता की पूजा करते समय छींक होना हानिकारक होता है। शास्त्रानुसार आसन, शयन, भोजन से पूर्व, औषधि सेवन करते समय तथा विद्यारम्भ के समय की छींक शुभकारक होती है।
– किसी मेहमान के घर में पहुंचते ही अगर गृह के मालिक को छींक आ जाती है तो वह मेहमान वहां बहुत दिनों तक ठहर सकता है।
– तिजोरी में धन रखते समय छींक आ जाये तो समझना चाहिए कि वह धन दीर्घकाल तक सुरक्षित रहेगा। किसी को उधार देते समय अगर छींक आ जाये तो समझना चाहिए कि वह धन शीघ्र मिलने वाला नहीं है।
इस प्रकार शास्त्रों में छींक के अनेक शुभ-अशुभ फला-फल मिलते हैं। छींक के अशुभ दोषों के निवारण के लिए कुछ देर रूककर ही उस काम को पुन: करना चाहिए जिसके करने से पहले छींक आ गयी थी। अपने धर्म के अनुसार अपने इष्ट (देवता) के नाम का ध्यान कर लेने से भी छींक का अशुभ फल दूर हो जाता है।
– परमानन्द परम

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