शुद्ध जल के लिए आरओ सिस्टम..जानिए क्या फायदे हैं आरओ सिस्टम के..?

शुद्ध जल के लिए आरओ सिस्टम..जानिए क्या फायदे हैं आरओ सिस्टम के..?

शुद्ध स्वच्छ जल हमारे जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं में से एक है। यह बड़ी ही दुखद स्थिति है कि हमारी इतनी अहम जरूरत की चीज हमें आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती। ऐसा नहीं है कि शुद्ध पानी की समस्या अविकसित देशों में ही है। अमेरिका जैसे विकसित देशों में भी यह समस्या देखी जा सकती है।
पानी के शुद्धिकरण के लिए उबालने की प्रक्रिया और आयोडीन, क्लोरीन का इस्तेमाल शुरू किया जाता रहा है लेकिन इन प्रक्रियांओं के इस्तेमाल के बाद पानी की स्वच्छता शत-प्रतिशत नहीं हो पाती। अब तक स्वच्छ जल की प्राप्ति के लिए सबसे प्रचलित तरीका वाटर प्यूरीफायर सिस्टम रहा है परंतु सभी प्रकार के शुद्धिकरण की प्रक्रियाओं से बेहतर विकल्प है रिवर्स आस्मोसिस सिस्टम। आइए जानते हैं इसके बारे में:-
सौंदर्य को निखारने में भी पानी की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। त्वचा का सत्तर प्रतिशत सौंदर्य नमी से बनता है, इसलिए अधिक से अधिक पानी पीना त्वचा के लिए फायदेमंद है लेकिन यह फायदा तभी होता है जब पानी स्वच्छ हो। पानी पीने से मेटाबोलिज्म की प्रक्रिया में सुधार होता है। पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्र अधिक होती है, तब यह कठोर होता है लेकिन जब इनकी मात्रा कम होती है तब यह हल्का पानी होता है और यह पीने के लिए अच्छा होता है।
क्या है रिवर्स ऑस्मोसिस:-पूरी तरह शुद्ध पानी का मतलब है कि वह धूल, मिट्टी, गंदगी व बैक्टीरिया के अलावा कीटनाशक से भी मुक्त हो। आरओ हर तरह के कीटाणुओं को हटाने में प्रभावी है। रिवर्स आस्मोसिस प्रक्रिया को अल्ट्रा फिल्ट्रेशन भी कहा जाता है। वाटर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में यह सबसे अनूठा है। अधिकतर बोतलबंद पानी के प्लांट्स और उद्योगों में आरओ से ही पानी को शुद्ध किया जाता है। अब यह आधुनिक तकनीक आपके घरों में भी आसानी से उपलब्ध है।
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कैसे काम करता है आरओ:- आरओ सिस्टम में वाटर मॉलिक्यूल्स को 0.0001 माइक्रॉन की अद्र्ध पारगम्य झिल्ली से गुजरना होता है। इसके लिए वाटर मॉलिक्यूल्स पर गहरा दबाव डाला जाता है। झिल्ली या मेम्ब्रेन की लंबी परतें एक खाली सेंटर ट्यूब के गिर्द सैंडविच की तरह लगी रहती है। मेम्ब्रेन को स्पाइल की तरह संयुक्त किया जाता है । यह संरचना मॉड्यूल कहलाती है। मॉड्यूल अलग-अलग उपयोगों के लिए अलग-अलग आकारों में उपलब्ध होती है।
घरेलू पानी के शुद्धिकरण के लिए प्रयुक्त होने वाले मॉड्यूल का व्यास 2 इंच और लंबाई10 इंच होती है जबकि बड़े स्तर पर यह 4 इंच और 40 इंच होता है। कुछ कंपनियों के आरओ वाटर सिस्टम में एंटी बैक्टीरिया सिस्टम, चाइल्ड लॉक, डबल सेफ्टी वाटर, लेवल कंट्रोलर, फुली सील्ड टैंक, प्रेशर बूस्टर पंप और कांस्टैंट वाटर प्रेशर जैसे फीचर्स हैं। आरओ सिस्टम की खासियत यह है कि पानी के शुद्धिकरण के बाद बचे अवशेष-खुद-ब-खुद बाहर निकाल दिए जाते हैं। पारंपरिक वाटर फिल्टर की तुलना में इसीलिए यह बेहतर है। इस प्रकार मेम्ब्रेन साफ-सुथरा रहता है। यही कारण है कि बिना किसी खास देखभाल के भी आरओ मेम्ब्रेन कई सालों तक नया बना रहता है।
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क्या फायदे हैं आरओ सिस्टम के:-

– यह पानी से टॉक्सिन्स, बैक्टीरिया, वायरस, रासायनिक तत्वों अघुलनशीन लवणों और पेस्टीसाइड्स को प्रभावी रूप से हटाता है।
– यह लवणयुक्त पानी और बोरवेल के पानी को पीने योग्य बनाता है।
– पानी से अवांछित लवणों व खनिजों को हटाकर पीने योग्य बनता है।
– बिना किसी रसायन इस्तेमाल किए प्राकृतिक रूप से पानी को साफ करता है।
– कठोर पानी को कोमल और मीठा बनाना है।
– कुछ तथ्य पानी के बारे में: एक वयस्क व्यक्ति को प्रतिदिन 4-5 लिटर पानी पीना चाहिए।
– अपने जीवन में एक व्यक्ति औसतन 60,000 लिटर पानी पीता है।
– मानव शरीर का 75 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना है।
– नरेन्द्र देवांगन

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