व्यापारियों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रेरित करने का अभियान शुरू

व्यापारियों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रेरित करने का अभियान शुरू

नई दिल्ली। लेसकैश अर्थव्यवस्था की ओर भारत को ले जाने के उद्देश्य से देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की सरकार की कोशिशों के बीच व्यापारियों को डिजिटल भुगतान की ओर ले जाने के लिए आज राष्ट्रीय अभियान शुरू किया गया। केन्द्रीय इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यहां एक कार्यक्रम में इस अभियान की शुरूआत की। खुदरा व्यापारियों के शीर्ष संगठन कॉन्फेडरेशन ऑ$फ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) एवं इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इकाई नाइलेट पूरे देश में यह अभियान संयुक्त रूप से चलायेगा। इस अभियान के अन्तर्गत देश भर में 5 क्षेत्रीय सम्मेलन, 30 राज्यस्तरीय सम्मेलन और 100 डिजिधन कैंप विभिन्न शहरों के प्रमुख बाजारों में लगाने की योजना बनायी गयी है। इस मौके पर श्री प्रसाद ने कहा की व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत आधार है जो अपनी विरासत को सँभालते हुए स्वयं ही समय के अनुसार अपने व्यापार में जरूरी बदलाव करता आया है। इस कड़ी में डिजिटल भुगतान को अपनाना व्यापारी के लिए कोई मुश्किल भरा काम नहीं है और इससे देश में ईमानदार अर्थव्यवस्था का विकास होगा। उन्होंने कहा की डिजिटल भुगतान के लिए उनके मंत्रालय को इसका दायित्व सौंपा गया है और इस वर्ष 2500 करोड़ डिजिटल लेनदेन का लक्ष्य रखा गया है। श्री प्रसाद ने कहा कि व्यापारी देश में अकेला ऐसा स्तम्भ है जो प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्राहकों को प्रशिक्षित करते हुये भारत को बदलने की क्षमता रखता है।
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इस अवसर पर कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की मंत्रालय के साथ संयुक्त रूप से इस अभियान में जुड़ते हुए कैट देश भर के व्यापारियों को डिजिटल तकनीक से जोड़ेगी जिससे अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और तेजी से बदलते व्यापारिक वातावरण के साथ देश का व्यापारी वर्ग भी अपने आपको जोड़ सकेगा। उन्होंने कहा की डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाना समय की मांग है लेकिन यह भी सत्य है कि डिजिटल भुगतान से जुड़े ट्रांसेक्शन शुल्क के कारण लोग डिजिटल भुगतान को अपनाने से बचते है। यह आवश्यक है कि सरकार डिजिटल भुगतान पर लगने वाले शुल्क को सब्सिडी के रूप में सीधे बैंकों को दे जिससे इस शुल्क का बोझ व्यापारियों और उपभोक्ताओं पर न पड़े। इसके साथ ही प्रत्येक डिजिटल भुगतान के लिए प्रोत्साहन स्कीम भी शुरू की जानी चाहिए। इस से निश्चित रूप से जहाँ सरकार का कर का आधार बढेगा वहीं नकदी छापने पर रिजर्व बैंक का होने वाला खर्च भी काफी कम होगा।
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इस अवसर पर नाइलेट के महानिदेशक डॉ अश्वनी कुमार शर्मा के साथ ही दिल्ली और आसपास के शहरों के व्यापारी भी मौजूद थे। समारोह में बैंकों, वित्तीय संस्थानों, मास्टरकार्ड और डिजिटल भुगतान तकनीक प्रदान करने वाली कंपनियों के अधिकारी भी उपस्थित थे।

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