विश्व विख्यात घुड़सवार महिलाएं

विश्व विख्यात घुड़सवार महिलाएं

जब भारत में महिलाओं को स्कूल जाने की मनाही थी, उनका घर और बच्चा संभालना इतना ही अधिकार था, तब राजाओं की कन्याओं को घुड़सवारी का अधिकार था। उन महिलाओं ने अपने देश के लिए जीवनदान दिया किंतु विदेशों में तो शौक के तौर पर महिलाएं घुड़सवारी करती थीं। ऐसी ही घुड़सवार महिलाओं का वर्णन यहां पर हम कर रहें हैं:-
रानी लक्ष्मीबाई ने 1857 में भारत के स्वतंत्रता संग्राम का सूत्रपात किया था। अंग्रेजों का सफाया करने के लिए अपनी सेना का गठन किया था। उसके पहले ही उसने मल्ल विद्या, घुड़सवारी और शस्त्र विद्याएं सीखी थी। अंग्रेज सेना ने झांसी को चारों तरफ से घेर लिया, तब अंग्रेजों का सामना करते-करते चालाकी से ग्वालियर के लिए रवाना हुयी। कुछ दिन पश्चात् अंग्रेजों ने ग्वालियर पर हमला किया, उनसे मुकाबला करते-करते लक्ष्मी बाई शहीद हो गयी।
रानी चेनप्पा (कर्नाटक) ने 1825 में अपना राज्य हथियाने के लिये अंग्रेजों से युद्ध किया और अंग्रेजों को हराकर ब्रिटिश महिलाओं और बच्चों को अपनी हिरासत में लिया। किसी भी प्रकार से उनको परेशान न करते हुये घोड़े पर सवार होकर खुद की मौजूदगी में लौटाया। उसके बाद अंग्रेजों ने कित्तू्रर पर हमला किया और रानी चेनप्पा को गिरफ्तार किया गया। 5 वर्ष बाद उसकी मृत्यु हो गयी।
बच्चा संवेदनशील हो तो?
झलकरी उसका नाम है जिसने रानी लक्ष्मी बाई को बचाने के लिए अंग्रजों से लोहा लिया, कुछ समय के लिए स्वयं रानी लक्ष्मी बाई का रूप धारण कर घोड़े पर सवार होकर किले से कूद पड़ी और अंग्रेजों ने उसका पीछा करते हुये उसे गिरफ्तार किया। इस तरह रानी लक्ष्मी
बाई को किले से बाहर निकालने में मदद की।
तारा बाई राय-सुर्तन राजा की एक मात्र संतान थी। बचपन से ही घोड़े की सवारी और हथियार चलाने की इच्छा थी। वह देखने में सुंदर भी थी, उसने शादी के वक्त एक शर्त रखी थी कि उसके पूर्वजों का नगर अफगानों से जो जीता देगा, उसी से वह शादी करेगी, वर्ना नहीं। यह शर्त राणा के पुत्र पृथ्वीराज ने मानी और अपने पराक्र म से तोंक थोड़ा का नगर शत्रुओं को पराजित कर जीत लिया, तब ताराबाई ने पृथ्वीराज से शादी की।
प्रत्येक सफल स्त्री के पीछे कोई पुरूष होता है
फ्रांस के किसान की बेटी का नाम था जोन ऑफ आर्क। वह अनपढ़ थी परंतु उसके मन में देशभक्ति थी, इसलिये अंग्रेजों ने उसे सन् 1431 में चौराहे पर जिंदा जला दिया था। वह महिला होने के बावजूद भी पुरूषों के कपड़े पहनती थी और बिना चर्च की मध्यस्थता के सीधी ईश्वर से गुहार करना उसका गुनाह था। इस तरह से उसके विरूद्व 12 अपराधों की सूची बनाई गयी थी। यूरोप में सैनिक शिक्षा पाने वाली वह पहली महिला थी। सैनिक शिक्षा में घुड़सवारी अनिवार्य थी।
महारानी विक्टोरिया का जन्म ब्रिटिश राजपरिवार में हुआ था। वह प्रारंभ से ही अनुशासित महिला थीं। वह निजी जीवन में अंधविश्वासी थी। वह घुड़सवारी की भी शौकीन महिला थी। 1837 में वे 18 वर्ष की आयु में सिंहासन पर बैठी, और 63 वर्ष तक राज किया। 81 वर्ष की आयु में उनका देहांत हो गया।
फिल्म अभिनेत्री संगीता बिजलानी फिल्मों में आने के पहले माडलिंग करती थी। संगीता ने अजहरूद्दीन शाह से शादी की है। उसे तैराकी और घुड़सवारी का भी शौक है।
– जी.के. कानेकर

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