विश्वकप जीतने से महिला क्रिकेट में आएगी क्रांति: मिताली

विश्वकप जीतने से महिला क्रिकेट में आएगी क्रांति: मिताली

मुंबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज का मानना है कि इंग्लैंड में विश्वकप जीतने से भारत में महिला क्रिकेट में एक नई क्रांति आ जाएगी। मिताली ने कहा कि हम विश्वकप जीतना चाहते हैं क्योंकि इससे भारतीय महिला क्रिकेट में एक नई क्रांति आएगी और युवा लड़कियां इस खेल में आगे आने के लिए प्रेरित होंगी। महिला विश्वकप के 11वें संस्करण का आयोजन 24 जून से इंग्लैंड में हो रहा है जिसका फाइनल 23 जुलाई को लाड्र्स में होगा। मिताली जब 23 साल की उम्र में 2005 में हुए विश्वकप में भारत की कप्तान बनी थी तो उन्होंने टीम को फाइनल तक पहुंचाया था जो उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। 12 वर्ष और तीन विश्वकप (2005, 2009 और 2013) बाद मिताली फिर भारतीय टीम की कप्तान है और इस दौरान उन्होंने अपने करियर में कई कीर्तिमान स्थापित किये। 34 वर्षीय मिताली 177 मैचों में पांच शतकों और 46 अर्धशतकों की मदद से 5781 रन बना चुकी हैं। उनके रिकॉर्ड किसी भी पुरुष खिलाड़ी को शर्मिंदा कर सकते हैं। अपना आखिरी विश्वकप खेलने जा रही मिताली को महिला एकदिवसीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने में इंग्लैंड की चार्लाट एडवड्र्स को पीछे छोडऩे के लिए सिर्फ 212 रन की जरुरत है। उन्होंने कहा कि हमारा पहला लक्ष्य सेमीफाइनल तक पहुंचना है और हमें उस शैली की क्रिकेट खेलनी है जो लड़कियां पिछले कुछ वर्षां में खेलती आ रही है। भारतीय टीम अपने तीन तेज गेंदबाजों झूलन गोस्वामी, शिखा पांडे और मानसी जोशी पर निर्भर करेगी क्योंकि इंग्लैंड की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के लिए ज्यादा माकूल है।
मिताली का साथ ही कहना है कि भारतीय स्पिनर भी अच्छा प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने कहा कि तीनों तेज गेंदबाजों में पिछली दो सीरीज में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन विश्वकप के दौरान किसी खिलाड़ी के चोटिल होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। कप्तान ने कहा, लेकिन यह जरुरी है कि तीनों पूरी तरह फिट रहे। वैसे मुझे विश्वास है कि तीनों इस समय अपनी सर्वश्रेष्ठ फिटनेस पर है और हमें विश्वकप के दौरान किसी भी तरह की चोट का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने स्पिन के महत्व पर भी जोर देते हुए कहा कि हर टीम अपने साथ अतिरिक्त तेज गेंदबाजों की रखना चाहती है। लेकिन भारत हमेशा स्पिनरों पर काफी निर्भर रहा है चाहे विकेट कैसी भी क्यों न हो। आस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका या कहीं के भी विकेट हो, हमारे स्पिनरों ने हमेशा अच्छा प्रदर्शन किया है।Þ कप्तान ने उम्मीद जताई कि वह, गोस्वामी, उपकप्तान हरमनप्रीत कौर, पांडे और वेदा कृष्णामूर्ति की सीनियर खिलाडिय़ों की टूर्नामेंट में अहम भूमिका रहेगी क्योंकि वे विश्वकप के दबाव को अच्छी तरह जानती है। उन्हें पहली बार विश्वकप खेलने जा रही युवा खिलाडिय़ों को प्रेरित करना होगा। भारतीय टीम ने पिछले 15 महीनों में लगातार 16 जीत हासिल की है और महिला वनडे में दूसरे सबसे लंबे विजयक्रम की बराबरी की है। भारत ने पिछले महीने दक्षिण अफ्रीका में चार देशों की क्रिकेट सीरीज जीती थी। इस टूर्नामेंट में पूनम राउत ने 19 साल की दीप्ति शर्मा के साथ 320 रन की विश्व रिकॉर्ड साझेदारी निभाई थी।

Share it
Top