विचारों के चयन द्वारा ही निर्धारित होती है नियति..सकारात्मक और आशावादी होंगे तो जीवन में होगी सुख-समृद्धि

विचारों के चयन द्वारा ही निर्धारित होती है नियति..सकारात्मक और आशावादी होंगे तो जीवन में होगी सुख-समृद्धि

1136926 किसी भी पत्र-पत्रिका में प्रकाशन के लिए संपादक के पास ढेर सारी रचनाएं आती हैं लेकिन वह सभी रचनाओं को प्रकाशित नहीं करता और इसका कारण यह है कि सभी रचनाएं स्तरीय और उपयोगी नहीं होती। यदि संपादक प्राप्त होने वाली सभी रचनाओं अथवा निम्न स्तर की अनुपयोगी रचनाओं को भी प्रकाशित करने लगे तो इसमें संदेह नहीं कि उस पत्र या पत्रिका का स्तर गिर जाएगा। पत्र-पत्रिका के स्तर को उच्च बनाए रखने के लिए जरूरी है कि संपादक में रचनाओं के उपयुक्त चुनाव तथा संयोजन की पूर्ण क्षमता हो। यही स्थिति हमारे विचारों की होती है। न जाने हर समय कितने विचार हमारे मन में उठते रहते हैं लेकिन उन सब विचारों के साथ जीवन की उत्कृष्टता अथवा सौंदर्य संभव नहीं। हमारे जीवन की दशा हमारे विचारों द्वारा ही निर्धारित होती है अत: हम जिस प्रकार के विचारों का चयन करेंगे, उसी प्रकार की हमारी नियति भी हो जाएगी।
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हम जैसा जीवन चाहते हैं, उसी प्रकार के विचारों का चुनाव करना अनिवार्य है। हम सब एक बेहतर जीवन जीने की अपेक्षा ही रखते हैं अत: श्रेष्ठ विचारों का चुनाव अनिवार्य है। जैसा विचार वैसा जीवन। क्योंकि विचार ही हमारी नियति के नियामक होते हैं इसलिए निकृष्ट विचारों के साथ श्रेष्ठ जीवन असंभव है।
हमारी सोच का हमारी परिस्थितियों पर सीधे असर पड़ता है। जैसा हम विचार करते हैं, वे विचार उसी प्रकार के वातावरण का निर्माण करने लगते हैं। यदि हमारे विचार सकारात्मक और आशावादी होंगे तो हमारे लिए अच्छी परिस्थितियां निर्मित होंगी और अच्छी परिस्थितियां हमारे जीवन में सुख-समृद्धि, आरोग्य और दीर्घायु लेकर आती हैं।
नकारात्मक विचार इसके विपरीत कार्य करते हैं। नकारात्मक विचार प्रतिकूल परिस्थितियों का निर्माण कर न केवल हमारे स्वास्थ्य हो हानि पहुंचाते हैं अपितु सुख-समृद्धि और अच्छे संबंधों का भी लोप कर देते हैं। जैसे हमारे विचार होते हैं वैसी ही स्थिति उत्पन्न होते देर नहीं लगती।
हमारी इच्छाएं हमारी सोच का परिणाम हैं। वस्तुत: अपनी सोच द्वारा ही हम अपने भाग्य का निर्माण करते हैं। सकारात्मक सोच द्वारा सौभाग्य को तथा नकारात्मक सोच द्वारा दुर्भाग्य को आमंत्रित कर हम स्वयं अपनी नियति के नियामक होते हैं।
– सीता राम गुप्ता आप ये ख़बरें अपने मोबाइल पर पढना चाहते है तो दैनिक रॉयलunnamed
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