वसूली का लक्ष्य प्राप्त न करने पर होगी कडी कार्यवाही

वसूली का लक्ष्य प्राप्त न करने पर होगी कडी कार्यवाही

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व वसूली व कर करेत्तर की बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिये कि जो अधिकारी अपने विभागों के निर्धारित लक्ष्यों की शतप्रतिशत वसूली नहीं करेंगे, उनके विरूद्ध कडी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी राजस्व वसूली में शिथिलता न बरते। उन्होंने समस्त तहसीलदारों को निर्देश दिये कि अपनी तहसील के बडे बकायेदारों से वसूली करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अन्य राजस्व विभागों को भी प्रर्वतन कार्यां में तेजी लाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही वसूली में बढोत्तरी होनी चाहिए, वित्तीय वर्ष के तीन माह पूर्ण हो चुके हैं, इसलिए अभी से लक्ष्यों की प्राप्ति की कार्रवाई शुरू कर दें। 

समीक्षा के दौरान तथ्य प्रकाश में आया कि भू-राजस्व में वार्षिक लक्ष्य 493.23 लाख के सापेक्ष जून तक 37.85 लाख प्राप्त किया है, स्टाम्प पंजीकरण में वार्षिक लक्ष्य 19590.00 लाख के सापेक्ष 3364.73 लाख वसूली हुई, आबकारी विभाग ने वार्षिक लक्ष्य 30122.00 लाख के सापेक्ष 4714.24 लाख की वसूली, वाणिज्य कर ने वार्षिक लक्ष्य 36824.87 लाख के सापेक्ष 7009.83 लाख, एआरटीओ के वार्षिक लक्ष्य 5876.07 लाख के सापेक्ष 1836.92 लाख की वसूली, विद्युत विभाग के वार्षिक लक्ष्य 147744 लाख के सापेक्ष 16211 लाख की वसूली तथा मनोरंजन विभाग ने अपने वार्षिक लक्ष्य 447 लाख के सापेक्ष 142.65 लाख की वसूली की है। जिलाधिकारी ने कहा कि अगस्त की समीक्षा में सभी विभाग बैकलॉग के साथ अधिकतम मासिक लक्ष्यों की पूर्ति करें।

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जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी वसूली व रिकवरी के लक्ष्यों की प्राप्ति नहीं करेंगे, उनके विरूद्ध कडी कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि जो अमीन वसूली में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं, उनके विरूद्ध भी कडी कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वसूली के लिए नई रणनीति बनायें ताकि निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके। जिलाधिकारी ने एआरटीओ को निर्देश दिये कि शहर में कोई भी वाहन बिना नम्बर का न हो, चाहे वो ई-रिक्शा हो या कोई अन्य वाहन। परमिट रूल्स के अनुसार ही चले तथा स्कल वाहनों की फिटनेश की भी जांच की जाये। उन्हांेने बिजली विभाग के सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनपद की अवैध रूप से चोरी हो रही बिजली को रोका जाये तथा बिजली चोरी के खिलाफ कार्यवाही की जाये। जो बिजली तार नीचे लटक रहे हैं या उनके टूटने की शिकायत है, उन्हे शीघ्र ठीक कराया जाये, जिससे कि जीव-जन्तु, पशु, फसल आदि को कोई नुकसान या हानि न हो।


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जिलाधिकारी ने तहसीलदारों के द्वारा राजस्व वादों को मानकों के अनुरूप निस्तारण करने व आरसी को सख्ती से न वसूल करने पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी एसडीएम व तहसीलदार हर रोज कोर्ट में अवश्य बैठे तथा राजस्व वादों की तिथियां प्रतिदिन की लगायें ताकि वादों का निस्तारण मानकों के अनुरूप हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि एसडीएम व तहसीलदार वाद निस्तारण का स्वयं लक्ष्य निर्धारित करें उसी अनुरूप वादों को निपटायें। उन्हांेने कहा कि पुराने वादों को वरीयता देते हुए केस निपटायें, इससे जनता में भी विश्वास पैदा होगा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी वि/रा सुनील कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन हरिश्चन्द्र, सभी एसडीएम, तहसीलदार, लीड बैंक मैनेजर शशि जैन सहित सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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