लू से बचकर रहिए

लू से बचकर रहिए

मई-जून की भीषण और जानलेवा गर्मी अनेक बीमारियां भी साथ लेकर आती है जैसे डायरिया, वायरल बुखार, डिहाईडे्रशन आदि। अनेक रोग लू लगने से भी हो जाते हैं, जिनसे शरीर में पानी की कमी होने के कारण चक्कर आना, बेहोश हो जाना, झुलस जाना आदि मुख्य हैं। इस भीषण गर्मी में लू से बचाव बेहद जरूरी है। लू से बचने का सबसे अच्छा तरीका तो यही है कि दोपहर के समय बाहर जाने और यात्रा करने से बचना चाहिए। खासकर पैदल या दोपहिया वाहन से तो कदापि यात्र न करें। यदि अपरिहार्य ही हो जाए तो घर से पर्याप्त मात्रा में पानी, ग्लूकोज पानी, इलेक्ट्रॉल पानी, ओ. आर. एस. का घोल या नींबू नमक और चीनी (या शहद) की शिकंजवी पीकर घर से चलें। बाहर के गन्ने के रस या शीतल पेयों के मोह से बचना ही हितकर है।
सकारात्मक मानसिक दृष्टिकोण द्वारा ही संभव है संपूर्ण उपचार
हां, जरूरी होने पर ताजा दही की लस्सी ली जा सकती है। घर पर बना आम का पन्ना, लुंजी आदि लू से बचाने के ससते और अचूक साधन है। खाने के साथ पर्याप्त मात्रा में प्याज, नींबू, टमाटर, खरबूजे, तरबूज आदि के सेवन से हमारे शरीर को मदद मिलती हैं तो तय कर लीजिए, इस बार गर्मी में आप ‘लू’ के शिकार नहीं बनेंगे।
– घनश्याम बादल

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