लडका : चलते- चलते यूँ ही रूक जाता हूँ मैं …

लडका : चलते- चलते  यूँ ही रूक  जाता हूँ मैं …

लडका : चलते- चलते  यूँ ही रूक  जाता हूँ मैं …बैठे – बैठे  यूँ  ही  खो
जाता हूँ  मैं   …क्या यही  प्यार है ?लड़की :  नहीं भईया  ये तो  कमजोरी है ,
तुम च्यवनप्राश  खाया  करो …

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