रिश्तों को बनाएं टिकाऊ…पति-पत्नी करे एक दूसरे के प्रति आकर्षण बनाकर रखने का प्रयास…!

रिश्तों को बनाएं टिकाऊ…पति-पत्नी करे एक दूसरे के प्रति आकर्षण बनाकर रखने का प्रयास…!

रिश्ता कोई भी हो, अगर उसे लंबे समय तक निभाना है तो रिश्तों की गरिमा को ध्यान में रखना ही होगा, रिश्तों में नकारात्मकता को दूर रखना होगा, तभी रिश्ते टिकाऊ और खूबसूरत बने रह सकेंगे। जिस प्रकार किसी भी वस्तु की मजबूती के लिए उसकी देखभाल, साज संवार, सफाई की जरूरत होती है उसी प्रकार रिश्तों में मजबूती के लिए भी समय-समय पर उस आई डस्ट को हटाना जरूरी है।
– मजबूत रिश्तों में ईगो का कोई स्थान नहीं, इसे बीच में न आने दें। अपने अहम को महत्त्व न दें। तभी रिश्ते मधुर होंगे।
– ईगो को इतना बड़ा न मानें कि रिश्ते उसके आगे बौने लगें।
– अपनों से छोटी छोटी बातों पर उलझने से बचें। इन सब बातों को ध्यान में रखेंगे तो ईगो रूपी डस्टं रिश्तों से हट जाएगी।
– रिश्तों को बरकरार रखने के लिए ईर्ष्या को बीच में न लाएं। ईर्ष्या से रिश्ते बिगड़ते हैं, बनते नहीं।
– अगंर किसी में कुछ कमी है तो उस तरफ ध्यान न देकर उसके गुणों पर ध्यान दें।
– सकारात्मक भावनाएं रिश्तों को हैल्दी रखती हैं, अपनी भावनाएं उनके प्रति सकारात्मक रखें।
– किसी की सफलता पर ईर्ष्या वाले भाव न रखें। अगर आप में ऐसे भाव हैं तो उसे अपने ह्रदय से साफ कर प्रसन्न रहें।
– रिश्तों में कम्यूनिकेशन गैप न आने दें। इससे रिश्ते ठंडे पड़ जाते हैं। आपस में बात करें, जोक्स शेयर करें, अच्छी बातें सांझा करें ताकि आया हुआ गैप कम हो जाए।
सांसों की डोर को मजबूत बनाता है प्राणायाम
– छोटी छोटी दुख सुख की बातें शेयर करने से रिश्तों में मजबूती का पुल बनता है।– पति -पत्नी के रिश्तों में उदासीनता या ठंडापन दीमक की तरह रिश्तों को खोखला करता है। इसे अपने रिश्तों में न आने दें।
– कभी कभी डेट्स प्लान करें। एक दूसरे को सरप्राइज दें।
– रोमांटिक पलों को हाथ से फिसलने न दें, उनका पूरा आनंद लें।
– पति पत्नी को एक दूसरे के प्रति आकर्षण बनाकर रखने का प्रयास करना चाहिए।
– आपसी रिश्तों की मजबूती के लिए अपनी सेहत और व्यक्तिगत सफाई पर विशेष ध्यान दें।
– अपने पार्टनर से झूठ न बोलें, हर बात शेयर करें। बात छिपाने पर रिश्तों में दूरी बढ़ती है।
– एक बार किसी बात पर गलतफहमी हो जाए तो आपसी विश्वास में कमी आती है।
– पार्टनर पर शक न करें, आपसी बातचीत से बात को स्पष्ट करें।…जब मन के द्वार पर हो पर-पुरुष की दस्तक
– बेवजह शक या अविश्वास रिश्तों में कड़वाहट घोलता है। रिश्तों में मिठास हेतु इन्हें स्थान न दें।– रिश्तों में त्याग व समर्पण जरूरी है, तभी रिश्ते टिकते हैं।
– आपसी रिश्तों में समय देना भी महत्त्वपूर्ण है, इससे दूसरा अपने आपको स्पेशल फील करता हे। समय अवश्य निकालें।
– किसी भी रिश्ते में जिद्द या गुस्सा रिश्तों को नुकसान पहुंचाता है। रिश्तों को बचाने के लिए इन भावनाओं पर नियंत्रण जरूरी है।
– अपने चाहने वालों का सम्मान करना चाहिए, उन्हें नीचा न दिखाएं।
अपने रिश्तों को कुछ समय बाद खुद में टटोलें कि कहीं हम कुछ गलत तो नहीं कर रहें। रिश्तें समेटं,े बिखेरें नहीं।
– सुनीता गाबा 

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