रिमझिम रिमझिम पानी झर

रिमझिम रिमझिम पानी झर

रिमझिम रिमझिमउस माटी में दीपक जल
महल झोपड़ी गांव -नगर जंगल पर्वत द्वार डगर
रिमझिम रिमझिम पानी झर गल-गल मेरे जीवन गल
उस माटी में दीपक जल
माटी के ये महल नगर माटी का घर
तन में आशा का दीपक जिसमे है विश्वास प्रवल
बीती गम की रात गई झेले झंझावात कई
रिमझिम बाली रात नई देगी जो जीवन सम्वल
रिमझिम———–प्राणी जीवन एक सफर कमर कसे जो खड़ा अडिग
अगर लक्ष्य जिसका उज्वल मर कर भी वह बने अमर
शुभ कर्मों का अच्छा फल दुश्कर्मों का बुरा सफर
पर्यावरणी नियम अटल सर्व प्रक्रति का मर्म प्रवल
रिमझिम———-मर्म यही सब धर्मो का भेद यही सब वेंदोे का
मार्ग यही पुरूर्षो का हम सबको देता सम्वल
प्रक्रति के अनुकूल चलन दे देता जीवन-जीवन
प्रकति के प्रतिकूल प्रवर्त देता जीवन में दल दल
रिमझिम——–

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