राष्ट्रव्यापी हड़ताल से 18 हजार करोड़ का नुकसान

राष्ट्रव्यापी हड़ताल से 18 हजार करोड़ का नुकसान

 हड़ताल से 18 हजार करोड़ का नुकसाननयी दिल्ली । व्यापारी संगठनों द्वारा आज राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान व्यापार, परिवहन, महत्वपूर्ण विनिर्माण इकाइयों तथा बैंकिंग सेवाओं के ठप पड़ जाने से 16 से 18 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाते हुये उद्योग संगठन एसोचैम ने हड़ताल का रास्ता अपनाये जाने की निंदा की है। एसोचैम ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि देश के अन्य हिस्सों के साथ केरल, कर्नाटक, त्रिपुरा, हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश में कारोबार तथा कामकाज बुरी तरह प्रभावित रहा।उसने कहा कि दिल्ली, मुंबई तथा कोलकाता में हड़ताल का असर कम देखा गया। उसने कहा कि ऐसे समय में जब देश को सकल घरेलू उत्पाद बढ़ाने तथा विनिर्माण को गति देने की आवश्यकता है सरकारी तथा निजी कंपनियों में उत्पादन रुकने तथा परिवहन का पहिया थमने से विकास प्रक्रिया को नुकसान होगा। एसोचैम के महासिचव डी.एस. रावत ने कहा कि व्यापारी संगठनों के लिए सबसे उपयुक्त रास्ता सरकार के साथ बैठकर बीच का रास्ता तलाशने का होता। उन्होंने कहा, “उद्योग उचित मजदूरी तथा श्रमबल के लिए सम्मानजनक जीवन स्तर के खिलाफ नहीं है। लेकिन, न्यूनतम मजदूरी की माँग समुचित होनी चाहिये जिससे अर्थव्यवस्था पर ज्यादा दबाव न/न पड़े।
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संगठन ने कहा कि हड़ताल से निर्यात भी प्रभावित होगा।  रावत ने कहा, “कई इकाइयों में विनिर्माण प्रभावित हुआ है।
वित्तीय तथा बैंकिंग लेनदेन रुकने से पूरी आपूर्ति श्रंखला प्रभावित होती है। परिवहन रुक जाने से निर्यात के लिए माल ढुलाई भी प्रभावित होती है। 

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