रावण बनना भी कहां आसान…

रावण बनना भी कहां आसान…

ravanरावण में अहंकार था
तो पश्चाताप भी थारावण में वासना थी
तो संयम भी थारावण में सीता के अपहरण की ताकत थी
तो बिना सहमति परस्त्री को स्पर्श भी न करने का संकल्प भी थासीता जीवित मिली ये राम की ही ताकत थी
पर पवित्र मिली ये रावण की भी मर्यादा थीराम, तुम्हारे युग का रावण अच्छा था..
दस के दस चेहरे, सब “बाहर” रखता था…!! महसूस किया है कभी
उस जलते हुए रावण का दुःख
जो सामने खड़ी भीड़ से
बारबार पूछ रहा था…..
“तुम में से कोई राम है क्या ❓”🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔 
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