रात में स्मार्टफोन का इस्तेमाल आंखों के लिए खतरनाक

रात में स्मार्टफोन का इस्तेमाल आंखों के लिए खतरनाक

 लंदन। सोने से पहले अंधेरे कमरे में स्मार्टफोन का इस्तेमाल आंखों के लिए खतरनाक हो सकता है। आप कुछ देर के लिए दृष्टिहीनता का शिकार हो सकते हैं। ब्रिटेन में ऐसे दो मामले सामने आए हैं। डॉक्टरों ने इसे “स्मार्टफोन ब्लाइंडनेस” का नाम दिया है। इस तरीके का यह संभवतः पहला मामला है। पहले मामले में एक 22 वर्षीय युवती को रात में सोने के दौरान दाईं आंख से देखने में दिक्कत आ रही थी।यह समस्या एक साल तक सप्ताह में कई बार सामने आई। हालांकि, बाईं में आंख बिल्कुल ठीक काम करती थी। दूसरे मामले में एक 40 वर्षीय महिला सूर्योदय से पहले उठने पर एक आंख से कुछ भी देख पाने में असमर्थ थी। डॉक्टरों के मुताबिक ऐसा छह महीने तक चलता रहा। वह तकरीबन 15 मिनट तक एक आंख से कुछ भी नहीं देख पाती थी।
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जांच में पता चला कि यह समस्या रात में एक तरफ लेट कर काफी देर तक स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने से सामने आ रही थी। दोनों महिलाएं एक आंख से फोन का इस्तेमाल कर रही थीं। लंबे समय तक एक आंख से फोन का स्क्रीन देखने के चलते आंखें क्रमशः रोशनी और अंधेरे के प्रति अनुकूल हो गई थीं। वे जिस आंख से स्क्रीन देख रही थीं, वह रोशनी और जो आंख तकिये से दबी थी, वह अंधेरे के प्रति अनुकूलित हो गई थी। इसी वजह से यह समस्या आ रही थी।

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