युवावस्था में जरा संभल कर… कहीं पांव फिसल न जाएं…!

युवावस्था में जरा संभल कर… कहीं पांव फिसल न जाएं…!

 युवावस्था एक ऐसी अवस्था होती है जब युवक और युवतियां एक दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं। वे दोनों प्यार के सुन्दर रंगीन ख्वाब बुनने लगते हैं। उन्हें दुनिया दुश्मन नजर आती है। वे दुनियां की नजरों से छुप छुपकर मिलने लगते हैं। परिणामस्वरूप वे एक दूसरे के लिए तन मन से समर्पित हो जाते हैं।
अक्सर देखा जाता है कि युवक युवतियां प्यार की आड़ में शादी से पहले ही शारीरिक संबंध बना लेते हैं जिससे युवतियों के भविष्य पर खतरा मंडराने लगता है। वे समाज से बहिष्कृत हो जाती हैं। उनका जीवन ही बरबाद हो जाता है।
युवक और युवतियों पर फिल्मों का बुरा प्रभाव पड़ता है। फिल्मों में प्रेमी युगल एक दूसरे को बाहों में जकड़े हुए दिखाया जाता है जिसकी नकल लोग अपनी निजी जिंदगी में करने लगते हैं और दोनों इतने भावुक हो जाते हैं कि उन्हें कुछ नहीं सूझता। एक दूसरे के करीब होने के कारण उनमें काम भावना जागृत होती है और उनके पैर फिसल जाते हैं। जब होश आता है तो सिवाय पछतावे के कुछ नहीं मिलता।
मोटापा अभिशाप है ! महामारी का रूप कर चुका है धारण

शादी से पहले युवतियों का यौन संबंध बनाना खतरे से खाली नहीं होता। कोई जरूरी नहीं है कि उसका प्रेमी उससे शादी करे क्योंकि मतलबी दुनियां में सब मतलब साधने के लिए बैठे हैं। समाचार पत्रों या पत्रिकाओं में बहला फुसलाकर संबंध बनाने की कई खबरें पढऩे को मिलती हैं। युवतियां शादी की लालच में आकर अपना सब कुछ सौंप देती हैं, फलस्वरूप पेट में पल रहा बच्चा पाप लगने लगता है। गर्भपात या नवजात शिशु की हत्या जैसे घृणित कार्य अवैध संबंधों का परिणाम होता है। पश्चिमी देशों की हवा आज हमारे देश की ओर बढऩे लगी है। पश्चिमी देशों में फ्री सैक्स का प्रचलन है। हमारे देश में बड़े-बड़े शहरों में शादी से पहले यौन संबंध बनाने की प्रथा सी चल पड़ी है। बम्बई की फिल्म नगरी इस मामले में बहुत ही बदनाम है। वहां कई अभिनेत्रियां कुंवारी मां बनकर बदनाम हुई हैं। यौन संबंध जिंदगी की मांग हैं मगर उसकी भी सीमा रेखा है। समाज ने शादी जैसा पवित्र बंधन बनाया है ताकि इंसान इज्जत की जिन्दगी जी सके। अगर समाज विवाह प्रथा लागू नहीं करता तो शायद आज आदमी की जिंदगी जानवर से भी बदतर होती।
आइए जानें रंगत के अनुसार कैसे किया जाए मेकअप ?
आज इंसान विवाह का महत्त्व भूलता जा रहा है। शायद यही वजह है कि आजकल तलाकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। युवक और युवतियों का एक दूसरे के प्रति आकर्षण स्वाभाविक है। अगर लड़का शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाता है तो उसकी कोई पहचान नहीं रहती लेकिन जब कोई लड़की यौन संबंध बनाती है तो दुनियां को पता लगते देर नहीं लगती। इस तरह अगर युवतियां अगर संयम से काम लेंगी तो पैर फिसलने से बच सकती हैं।
-राजेन्द्र देवांगन

Share it
Share it
Share it
Top