यात्री वाहनों की बिक्री मजबूत, भारी वाणिज्यिक वाहनों की 55 फीसदी घटी

यात्री वाहनों की बिक्री मजबूत, भारी वाणिज्यिक वाहनों की 55 फीसदी घटी

नयी दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी की बिक्री में तेज बढ़ोतरी से अप्रैल में यात्री वाहनों की घरेलू बिक्री में सात महीने की सबसे अच्छी 14.68 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी।
वहीं, नोटबंदी के प्रभाव से भारी वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में सवा आठ साल की सबसे तेज गिरावट (54.91 प्रतिशत) दर्ज की गयी। वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम ने आज यहाँ अप्रैल के बिक्री के आँकड़े जारी करते हुये बताया कि घरेलू बाजार में यात्री वाहनों की बिक्री 14.68 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी और यह पिछले साल अप्रैल के 2,42,060 से बढ़कर 2,77,602 इकाई पर पहुँच गयी।
यह सितंबर 2016 के बाद की सबसे तेज बढ़ोतरी है। इसमें कारों की बिक्री 17.36 प्रतिशत बढ़कर 1,90,788 पर उपयोगी वाहनों की 13.71 प्रतिशत बढ़कर 70,691 पर पहुँच गयी। हालाँकि, वैनों की बिक्री 6.93 प्रतिशत घटकर 16,123 इकाई रह गयी।
सियाम के उपमहानिदेशक विष्णु माथुर ने कहा कि नोटबंदी के बाद अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ने लगी है। लेकिन, वाणिज्यिक वाहनों पर हमेशा अर्थव्यवस्था का असर बाद में दिखता है इसलिए इस पर अब नोटबंदी का असर दिखना शुरू हो गया है।
भारी एवं मध्यम वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 54.91 प्रतिशत घटकर 10,602 इकाई रह गयी जो जनवरी 2009 (67.16 प्रतिशत) के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है। पिछले साल इसी महीने देश में 23,515 भारी एवं मध्यम वाणिज्यिक वाहन बिके थे।
हालाँकि, छोटे वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 1.87 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गयी और यह एक साल पहले के 30,320 से बढ़कर इस साल अप्रैल में 30,888 इकाई पर पहुँच गयी।
श्री सेन ने कहा कि मूल्य ह्रास का लाभ उठाने के लिए मार्च में ग्राहकों द्वारा अग्रिम खरीद किये जाने से भी अप्रैल में बिक्री का आँकड़ा कमजोर रहा है।

Share it
Top