यदि पीठ के दर्द से परेशान हैं

यदि पीठ के दर्द से परेशान हैं

back painलोगों के गलत रहन-सहन तथा जीवन शैली में परिवर्तन के कारण पीठ का दर्द काफी तेजी से बढ़ रहा हैं। पीठ के दर्द को लोग गंभीरता से नहीं लेते, इसलिए रोग की प्रारंभिक अवस्था में इलाज के लिए डाक्टर के पास नहीं जाते लेकिन जब रोग बढ़ जाता है और दर्द के मारे उनका उठना-बैठना, चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है या किसी बड़ी बीमारी का कारण बन जाता है, तब लोग इलाज के लिए प्रयास करते हैं।
अभी तक पीठ दर्द होने के कारणों का पता नहीं लगाया जा सका है लेकिन शोधकर्ताओं के अनुसार यह दर्द चोट लगने, भारी वस्तु उठाने या फिर शरीर को गलत तरीके से मोडऩे आदि से उत्पन्न होता है। रक्त में थक्के जमना, ट्यूमर और फोड़ा आदि के कारण साइटिका का दर्द होता है। नियमित रूप से व्यायाम न करने वाले रोग इस बीमारी से ज्यादा ग्रसित होते हैं।
पीठ दर्द के रोगी को सबसे पहले डॉक्टर के पास जाना चाहिए ताकि डाक्टर रोगी का परीक्षण करके रोग के कारणों का पता लगा सके। हो सकता है कि रीढ़ में फ्रेक्चर, इन्फेक्शन या ट्यूमर हो। यदि रोगी बिना किसी बीमारी के पीठ दर्द से परेशान हो तो उसे एंटी इंन्फ्लेमेटरी दवाओं के सेवन से लाभ मिल सकता है। गर्म पानी से स्नान करने तथा मसाज से ही आराम मिल सकता है।
हमारा रीढ़ 33 हड्डियों से मिलकर बना है जिन्हें मेरूदंड (वर्टिब्रा) कहा जाता है। प्रत्येक दो हड्डियों के बीच एक डिस्क होती है जो रबड़ की तरह मुलायम व लचीली होती है। इससे रीढ़ को लचीलापन मिलता है। अगर यह न हो तो रीढ़ को आगे-पीछे झुकाया नहीं जा सकता। डिस्क के पीछे रीढ़ के बीच से स्पाइनल नाल गुजरती है जिसके भीतर से होकर नसें मस्तिष्क से हाथ-पैरों की ओर जाती हैं। कई बार डिस्क नसों की ओर फूल जाती हैं या निकलकर बाहर आ जाती है, जिसे ‘स्लिप्ड डिस्कÓ कहा जाता है। स्लिप्ड डिस्क के कारण नसों पर दबाव पड़ता है जिसके कारण कमर तथा पैरों में दर्द होने लगता है, सुन्नापन आ जाता है। स्पाइन के रोग से कोई भी व्यक्ति ग्रसित हो सकता है लेकिन ज्यादातर शारीरिक या व्यायाम न करने वाले, गलत तरीके से बैठने-सोने वाले या अत्यधिक गाड़ी चलाने वाले लोगों को होता है। बदलती जीवन शैली के कारण यह रोग महानगरों में तेजी से फैल रहा है। यदि आप पीठ के दर्द से परेशान हैं तो उससे छुटकारा पाने के लिए निम्न हिदायतों पर ध्यान दें:-
– सबसे पहले रोग के कारण का पता लगाएं।
– अपनी पूरी डॉक्टरी जांच कराएं।
– यदि ज्यादा काम करने से पीठ में दर्द हो रहा हो तो आराम करें। दर्द दूर हो जाएगा।
– दर्द निवारक मरहम लगाएं।
– कब्जकारक भोजन न करें।
– कैल्शियम वाली हरी सब्जियां पर्याप्त मात्र में सेवन करें।
-शुरू से शारीरिक श्रम या व्यायाम की आदत डालें।
– सीढिय़ां चढऩा-उतरना व तेज चाल से टहलना अच्छा व्यायाम है।
– सही तरीके से बैठें।
– ज्यादा वजन न उठाएं।
– शरीर को तनावमुक्त रखें।
– संतुलित आहार लें।
– आहार में विटामिन ‘डी’ वाले खाद्य पदार्थ भी शामिल करें।
-राजा तालुकदार

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