मोदी के जीएसटी से बना भ्रम का माहौल : कांग्रेस

मोदी के जीएसटी से बना भ्रम का माहौल : कांग्रेस

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने आज आरोप लगाया कि मोदी सरकार के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं और इससे पूरे देश में भ्रम का माहौल है इसलिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन(संप्रग) सरकार की परिकल्पना पर आधारित जीएसटी लागू किया जाना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता कपिल सिब्बल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जो जीएसटी लागू किया गया है, उसमें जनसामान्य का ध्यान ही नहीं रखा गया है। इसके लागू होने से चारों तरफ भ्रम की स्थिति बन गयी है और विशेष रूप से छोटे कारोबारी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद से देश में 50 फीसदी कारोबार ठप हो गया है और लोगों को पता ही नहीं है कि करना क्या है। परिवहन क्षेत्र तथा कपड़ा उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है और अब निर्यात भी इसकी चपेट में आने लगा है। भ्रम की स्थिति के कारण कारोबारी अपने माल का निर्यात नहीं कर पा रहे हैं। प्रवक्ता ने कहा कि जीएसटी की सबसे बुरी मार गैरपंजीकृत छोटे व्यापारियों को झेलनी पड़ रही है। उनका काम पूरी तरह चौपट हो गया है। देश में 80 प्रतिशत छोटे कारोबारी पंजीकृत नहीं है इसलिए जीएसटी लागू होने से वे सबसे ज्यादा परेशान हैं।

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श्री सिब्बल ने कहा कि जिस जीएसटी को 'एक राष्ट्र एक कर'की परिकल्पना के रूप में लागूू करने की बात थी, वह नागरिकों के लिए नोटबंदी के बाद दूसरा बड़ा संकट बन गया है। जीएसटी में कर व्यवस्था को साधारण बनाने की सोच थी लेकिन मोदी सरकार ने जो जीएसटी लागू किया है वह अत्यधिक जटिल बन गया है और लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि उन्हें करना क्या है। जीएसटी में कर प्रावधानों की अस्पष्टता को लेकर तमिलनाडु का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां 100 रुपए से कम के सिनेमा टिकट पर 18 प्रतिशत तथा सौ रुपए से ज्यादा के टिकट पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि उसे भी राजस्व चाहिए, इसलिए वह इस टिकट पर 30 प्रतिशत कर लगा रही है। इस तरह से 100 रुपए का टिकट उपभोक्ता को 158 रुपए में खरीदना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इसी तरह जीएसटी लागू होने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने अपना राजस्व बढ़ाने के लिए नये वाहनों के लिए पंजीकरण कर दो प्रतिशत बढ़ा दिया है। राज्य सरकारें जो भी कदम उठा रही हैं, उनका उन्हें तो फायदा होगा लेकिन इसका बोझ आम आदमी को झेलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि जीएसटी संप्रग सरकार की परिकल्पना के आधार पर होता तो लोंगों को इस तरह से परेशान नहीं होना पड़ता।

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