मोटे तरह-तरह के..वंशानुगत कारणों से होता है मोटापा

मोटे तरह-तरह के..वंशानुगत कारणों से होता है मोटापा

fatमोटे भी कई प्रकार के होते हैं। बचपन का मोटापा माता-पिता एवं वंशानुगत कारणों से तो होता ही है, साथ ही बच्चे को मां से भरपूर दूध मिलने या अधिक दिनों तक मां का दूध पीते रहने के कारण वह बच्चा मोटा हो जाता है। बच्चा अधिक दवाओं के कारण भी मोटा होता है। बचपन में अधिक पौष्टिक खान-पान, दुलार की अधिकता एवं खेलकूद की कमी के कारण बच्चे मोटे हो रहे हैं। हाइपोथायराइड भी सबको मोटा बना देता है। गर्भवती महिलाएं कुछ मोटी दिखती हैं। किडनी की कार्यक्षमता में कमी एवं नमक की अधिकता भी पानी रोककर कुछ मोटा बनाती है।बड़े जब आवश्यकता से अधिक खाते हैं तो मोटे हो जाते हैं। सिटिंग जॉब वाले मोटे हो जाते हैं। युवतियां विवाह उपरांत या नौकरीपेशा बनकर निश्चित जीवन जीने के कारण मोटी हो जाती हैं। मेनोपाज के बाद कुछ महिलाएं मोटी हो जाती हैं। बाहरी मोटापा सबको दिखता है किंतु शरीर के भीतर में हृदय, लिवर व पेन्क्रियाज भी मोटा होता है। ऐसे भीतरी मोटापे का शिकार दुबला पतला व्यक्ति भी हो सकता है। निष्कर्ष सभी के मोटापे में अंतर होता है और मोटापे की अधिकता थुलथुला बना देती है।      आप ये ख़बरें अपने मोबाइल पर पढना चाहते है तो दैनिक रॉयलunnamed
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