मोटापे की शिकार अधिक होती हैं महिलाएं..आखिर क्या है कारण ?

मोटापे की शिकार अधिक होती हैं महिलाएं..आखिर क्या है कारण ?

 fat-woman-11 अधिकांश महिलाओं में देखा जाता है कि पहले बच्चे के जन्म के पश्चात उनका मोटापा बढऩे लगता है और वे धीरे-धीरे अपना आकर्षण खोने लगती हैं। पति जो मां बनने से पूर्व तक पत्नियों की छरहरी काया के प्रति आकर्षण रखते थे अब उनमें वह आकर्षण नहीं पाते हैं। अब तो किसी पार्टी आदि में भी उन्हें ले जाने से कतराते हैं।
आखिर क्या कारण है कि महिलाएं विवाह के पश्चात या एक बच्चे को जन्म देने के पश्चात मोटी होने लगती हैं? सच तो यह है कि लड़कियां अपनी किशोरावस्था से ही अपने भावी जीवनसाथी को लेकर तरह-तरह से अपने संजोने लगती हैं और विवाह के पश्चात अपनी इच्छानुसार अपनी कल्पना को साकार देख कर वे और भी खुश हो जाती हैं।
विवाह के पश्चात शारीरिक व मानसिक तृप्ति मिलने के कारण उनमें बदलाव आता है। तृप्ति, विश्राम या खुशी से शरीर में हारमोन में परिवर्तन होते हैं जिससे किसी किसी में मोटापा हो जाता है तो किसी में चेहरे आदि में परिवर्तन होने लगते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य कारण भी देखे गए हैं जैसे विवाह के पश्चात नई नवेली दुल्हन को अनेक दावतों में जाना पड़ता है जहां न चाहते हुए भी भिन्न प्रकार की मिठाइयों से लेकर चर्बीयुक्त भोजन से सामना होता है। रिश्तेदार भी दुल्हन से जबरदस्ती खाने को कहते हैं। उन्हें यह भी लगता है शर्म के कारण दुल्हन खाने से कतरा रही है।
दूसरी ओर नए स्थान पर अचानक जाकर व्यायाम आदि करने से वह कतराने लगती है। एक-दो महीने के पश्चात व्यायाम करने के इन्तजार में वे अपने मोटापे को दावत दे डालती हैं। जब तक वे अपने मोटापे को नियंत्रण करें, तब तक मां बनने वाली होती हैं और तब होता है नए सिरे से खान पान का आरंभ।
प्राणघातक भी हो सकती है आहार में खनिज तत्वों की कमी

डॉक्टरी राय तो होती ही है किन्तु बुजुर्गों की बातों की कैसे अवहेलना की जा सकती है-‘अब तो दो जनों के लिए खाना है’ ऐसा हुक्म सिर आंखों पर रखा जाता है। इसी के चलते प्रथम प्रसव होने के कई महीनों के पश्चात भी लगता है कि वह गर्भवती ही है। मां बनने के पश्चात घी आदि खाने का हुक्म होता है। परिणाम स्वरूप धीरे-धीरे कमर, पेट, जांघों आदि में चर्बी चढऩे लगती है। शिशु को सही ढंग से स्तनपान न करा पाने के कारण स्तनों का आकर्षण भी बिगडऩे लगता है। परिणामस्वरूप स्त्रियोचित शारीरिक अनुपात विकृत हो जाता है।
अब चाहे सलवार-सूट पहनिए चाहे साड़ी पहनिए, अपने मोटापे को आप नहीं छिपा सकती।
बात यह है कि आप अपने फिगर के प्रति कितनी फिक्र मंद हैं? अगर सचमुच आप फिक्र मंद हैं तो विवाह के पश्चात से ही आपको अपने खान-पान व व्यायाम के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। कुछ बातें ऐसी हैं जिनके मद्देनजर आप विवाह के पश्चात या प्रथम प्रसव के पश्चात भी आकर्षक व छरहरी रह सकती हैं।
ध्यान रखें
– ऐसी बात भी नहीं कि आप दावतों में जा कर कुछ न खाएं या बुजुर्गों की अवहेलना करते हुए कुछ न खाएं। सच तो यह है कि आप परिस्थिति के अनुरूप किस तरह से दूसरों की भावनाओं को ठेस न पहुंचाते हुए खाने-पीने के प्रति सचेत रहती हैं।
– प्रसव से पूर्व और प्रसव के पश्चात हल्के व्यायाम करें। हल्के व्यायाम के साथ अगर आप घर में झाड़ू-पोंछा स्वयं करें तो भी तो आपके पेट व कमर की चर्बी बढऩे की संभावना कम रहती है।
– अपने शिशु को सही तरीके से स्तनपान करवाएं। गलत ढंग से स्तनपान कराने से आपके वक्ष पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।
– प्रसव के पश्चात चर्बीयुक्त भोजन न लेकर आप संतुलित भोजन के साथ फलाहार व साग सब्जियों की ओर झुकाव अधिक रखें।
– आलस्य से दूर रहें। अपने आपको सदैव चुस्त-दुरूस्त रखने का प्रयास रखें। डॉक्टरी राय के अनुसार आप योग या एरोबिक व्यायाम करें।
– अधिक पानी पिएं व अधिक कोलेस्ट्राल वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
– इसके अतिरिक्त पहनावा-ओढ़ावा भी अपनी काया के अनुसार करें।
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