मोटापा अभिशाप है ! महामारी का रूप कर चुका है धारण

मोटापा अभिशाप है ! महामारी का रूप कर चुका है धारण

 आज बड़े व्यक्ति ही नहीं, छोटे बच्चे भी मोटापे का शिकार हो रहे हैं। यह एक महामारी का रूप धारण कर चुका है। करीब 30 करोड़ लोग मोटापे की गिरफ्त में हैं। राजधानी दिल्ली में हर दूसरा व्यक्ति मोटापे का शिकार है। दिल्ली में 3 बच्चों में से एक का वजन सामान्य से ज्यादा है।
यह एक ऐसी बीमारी है जिसके घातक मानसिक और शारीरिक परिणाम होते हैं। मोटापा सिर्फ स्वयं में बीमारी तो है ही, कई और बीमारियों को भी उत्पन्न करता है। मोटापाग्रस्त व्यक्ति को चलने-फिरने से लेकर सोने तक में दिक्कत आ सकती है।
यदि मोटापा लम्बे समय तक बना रहे तो डायबिटीज, स्ट्रोक, दिल की बीमारी, उच्च रक्तचाप, श्वासरोग, डिप्रेशन, किडनी रोग, बांझपन, अनिद्रा, कैंसर, लिवर व गॉल ब्लैडर की बीमारियों की गिरफ्त में आसानी से आया जा सकता है। कई लोग अस्थि तथा जोड़ों की बीमारियों का शिकार हो जाते हैं।
मोटापे के कारण यौन जीवन भी प्रभावित होता है। मोटे लड़के-लड़कियों में डायबिटीज, चेहरे पर बाल उगना, जल्द मेच्योरिटी, बेचैनी, मासिक चक्र की गड़बड़ी जैसी समस्याएं दिखती हैं। बड़ा होने पर मोटे बच्चे हार्ट प्राब्लम, उच्च रक्तचाप, किडनी व लिवर की बीमारी आदि रोगों का शिकार हो जाते हैं।
मैक्स हेल्थ केयर के डिपार्टमेंट ऑफ डायट एंड न्यूट्रीशन की हेड मोटापे का कारण बच्चों में बढ़ते फास्ट फूड के क्रेज को मानती हैं। उनके अनुसार बच्चों का नियमित रूप से व्यायाम न करना और आउटडोर स्पोर्ट्स में भाग न लेने के कारण बच्चों में मोटापा बढ़ रहा है।
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किसी व्यक्ति को प्रतिदिन जितनी कैलोरी की जरूरत पड़ती है, उसको अपने खाए गए आहार से आवश्यक कैलोरी से अधिक कैलोरी प्राप्त होती है तो वह अतिरिक्त कैलोरी वसा के रूप में शरीर में जमा होने लगती है जो मोटापे का कारण बनती है। ज्यादा खाना या ज्यादा कैलोरी वाला आहार ग्र्रहण करना मोटापे का मुख्य कारण है। माता-पिता दोनों या उनमें से किसी एक के मोटा होने से उनके बच्चों के मोटा होने की संभावना होती है।
खेलकूद या फिजिकल एक्टिविटी से दूर रहने वाले बच्चे भी मोटापे के शिकार हो सकते हैं। आजकल बच्चों पर एकेडमिक प्रेशर बढ़ गया है। टीचर और पेरेन्ट्स दोनों खेलने के बजाए पढऩे पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। बच्चों का पैदल-चलना भी काफी कम हो गया है जिससे बच्चों में मोटापा बढ़ रहा है। कुछ खास हार्मोन्स जैसे थॉयरायड व कॉर्तिसल आदि के कम या ज्यादा होने के कारण भी मोटापा बढ़ता है।
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मोटापे से बचने के लिए ब्रेकफास्ट पूरा लेना चाहिए तथा लंच सामान्य व डिनर बिलकुल हल्का होना चाहिए। चीनी, मिठाई, फास्ट फूड व तली-भुनी चीजों के सेवन से बचना चाहिए। दाल अनाज, फल, सब्जियाँ, दूध व दही आदि को आहार में पर्याप्त मात्रा में शामिल करना चाहिए। खेलकूद व फिजिकल एक्टीविटी के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करना चाहिए। यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वे टीवी, कम्प्यूटर व वीडियो गेम्स के सामने ज्यादा न बैठें।
– राजा तालुकदार

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