मेरठ का मनीष हत्याकांड: अवैध संबध तो नहीं बने मनीष हत्याकांड के कारण

मेरठ का मनीष हत्याकांड: अवैध संबध तो नहीं बने मनीष हत्याकांड के कारण

मेरठ। अपने भाई के साथ ढाबे पर कार्य करने वाले मनीष की हत्या के कारणों का पुलिस अभी तक कुछ पता नहीं लगा सकी है। जबकि घटना एक माह से अधिक बीत चुका है। सूत्रों के अनुसार इस हत्याकांड में अवैध संबंध सामने आ रहें है। जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
कंकरखेड़ा के क्षेत्र मे बीते छह दिसम्बर 16 को सरधना रोड नंगलातासी के समीप गोलू के ढाबे पर कारीगर के रूप मे काम करने वाले मनीश शर्मा पुत्र ज्ञानप्रकाश शर्मा निवासी श्रद्धापुरी मे अपने बडे भाई नितिन के साथ किराये पर रहता था। छह दिसम्बर की सुबह युवक को दिन निकलते ही गोलू के ढाबे पर सो रहे युवक को सोते को उठाकर बातचीत के बाद कनपटी पर तमंचा सटाकर तबाड़-तोड़ गोली चलाकर भून दिया था, तब तक गोली मारते रहे तब तक मनीष मौत के घाट उतार नही उतार दिया गया था। आरोपीयों को गोली मारते हुए आस पास के लोगो ने देखा था। ढाबे पर काम करने वाले युवकों ने मनीष पर गोली चलाते हुए युवकों को देखा था।
दोनों युवक गोली मारने के बाद तसल्ली के साथ हाथो मे हथियारे को लहराते हुए पैदल ही नंगलाताशी की और आसानी से फरार हो गये थे। परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था। जाम के बाद पुलिस के अधिकारीयों ने मौके पर आने के बाद तत्कालीन एसएसपी व कंकरखेडा इंस्पेक्टर ने सात दिनों के अन्दर युवक के कातिलों का पकड़कर खुलासे का आश्वासन देकर शव को मेडिकल के लिए भेज दिया था।पुलिस ने केवल एक युवक को हिरासत मे लेकर पूछताछ की थी जिसमे मनीष के भाई नितिन ने अपनी पत्नि रेनू के अवैध सबंध सामने आने पर परिजनों ने नंगलाताशी निवासी यादराम पुत्र मामराज के खिलाफ तहरीर दी थी। यादराम को पुलिस ने तीन दिनों तक हिरासत मे रखने के बाद छोड़ दिया गया था। मनीष के भाई ने चीख-चीख कर मनीष की हत्या मे शामिल यादराम पर अरोप लगाये थे।
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लेकिन यादराम ने पुलिस की मिलीभगत से अपने आपको क्लीन चिट करा लिया था। मनीष अपनी भाभी के यादराम के साथ अवैध सबंधो से नाखुश था जिसका वो पुरजोर विरोध करता था। इसी को लेकर कही दोनों ने मिलकर मनीष की हत्या कांड को तो अंजाम नही दिया था।
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सोमवार को एक होटल मे दोनों एक साथ यादराम और रेनू साथ बैठकर खाना खाते नजर आये जहा कैमरे की फ्लैश चमकी तो दोनों वहां से उठकर मोटर साईकिल से भागते नजर आए। जिसके पति का हत्याकांड में आया हुआ उसके साथ होटल में खाना खाने का मतलब समझ से परे है। अब देखना है कि पुलिस इस मनीष हत्याकांड को कब खुलासा करेगी या मनीष हत्या कांड एक पहेली बनकर रह जायेगा।

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