मेंहदी ऐसे रंग लाए

मेंहदी ऐसे रंग लाए

imagesहाथ पैरों में मेंहदी रचाने की परंपरा काफी पुरानी है। शादी के मौके पर दुल्हन के हाथों व पैरों में मेंहदी लगाकर उसके सोलह श्रंृगार पूर्ण किए जाते हैं। सच तो यह है कि मेंहदी एक ऐसी रस्म है जिसके दर्शन भारत में विद्यमान हर धर्म व जाति में हो जाते हैं। सिर्फ शादी ही नहीं तीज-त्योहारों मांगलिक कार्यों के विशेष अवसर पर मेंहदी का महत्त्व श्रृंगार प्रसाधन के रूप में अत्यधिक बढ़ जाता है। सावन की बूंदा बांदी के बीच मेंहदी लगाने की होड़ लग जाती है। क्या बालिकाएं, क्या युवतियां और क्या सुहागिनें, सभी बहुत शौक से मेंहदी रचाती हैं। मेंहदी अब सिर्फ भारत में ही नहीं, विदेशों में भी काफी लोकप्रिय हो रही है।
भारत में मेंहदी लगाने की प्रथा 12 वीं शताब्दी में मुगल शासकों ने शुरू की। इसे त्योहारों और विवाह आदि मांगलिक अवसरों पर लगाया जाता था। आज भी मेंहदी सौभाग्य और सुखद भविष्य की सूचक मानी जाती है। अभी भी मेंहदी लगाना विवाह का एक प्रमुख अंग है। विवाह के पहले एक पूरा दिन दुल्हन और रिश्तेदारों को मेंहदी लगाने के लिए आरक्षित होता है।
हाथों व पैरों पर मेंहदी रचाने के लिए आप घर में ही घोल तैयार कर सकती हैं। हमेशा ताजी हरी और खुशबुदार मेंहदी का ही प्रयोग करें। मेंहदी पाउडर को बारीक कपड़े से छान कर पानी से भिगोकर उसमें आधा चम्मच चीनी और दस बूंद मेंहदी का तेल जो बाजार में उपलब्ध होता है, को डालकर मिलाकर रखें। डेढ़ घंटे तक इस घोल को ढक कर रख दें। मेंहदी का गाढ़ा पेस्ट बनाएं, जिसमें एक भी फुटकी न हो। घोल को अच्छी तरह फेंटकर प्लास्टिक के कोन में भरकर रबर लगाकर रख दें। मेंहदी लगाने के लिए आइसिंग कोन या टूथपिक की भी मदद ले सकते हैं। एक ही बार जरूरत भर कोन भरकर रख लें।
मेंहदी लगाने से पहले त्वचा को गर्म पानी और साबुन से अच्छी तरह धो कर साफ कर लें। फिर रूई को मिटटी के तेल में भिगोकर हथेली, पैर को पोंछ लें। मेंहदी लगाने से पहले उसकी डिजाइन की कागज पर प्रेक्टिस भी कर लें। मेंहदी अपने प्राकृतिक गुणों के कारण तुरंत ही रचने लगती है। जब मेंहदी से हथेलियां भर जाएं तो एक कटोरी में नींबू का रस और चीनी बराबर मात्रा में घोलकर घोल तैयार रखें।
मेंहदी लगाते-लगाते ही सूखती भी जाती है। जब मेंहदी अच्छी तरह सूख जाये तो नींबू चीनी के घोल को रूई के सहारे डिजाइन पर लगायें। जब लगे कि यह चटपटा घोल भी सूखने लगा है तो दस-पंद्रह मिनट बाद फिर यही घोल लगा दें। फिर जब मेंहदी अच्छी तरह सूख जाये तो मेंहदी पेस्ट को हटाने के लिए सरसों का तेल या ऑलिव ऑयल मलें। इसके बाद किसी लोहे के चाकू के उलटी तरफ से मेंहदी हटाएं। ध्यान रखें कि मेंहदी लगाने के कम से कम चार घंटे बाद ही साबुन का प्रयोग करें।
इसके अलावा मेंहदी में खूबसूरती व खुशबू के साथ साथ औषधीय गुण भी होते हैं। मेंहदी स्वभाव से शीतल होती है। हाथ पैर में जलन हो रही हो तो मेंहदी के पत्तों को पीसकर लगाने से राहत मिलती है। बालों के लिए तो यह वरदान ही है। इसे पीसकर बालों में लगाने से बाल मजबूत एवं सुंदर होते हैं। इस प्रकार हम देखते हैं कि मेंहदी में खूबसूरती के साथ साथ अनेक गुण विद्यमान हैं।
संजय कुमार

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