मुनाफा वूसली से शेयर बाजार ने खोयी पांच सप्ताह की तेजी

मुनाफा वूसली से शेयर बाजार ने खोयी पांच सप्ताह की तेजी

मुंबई। विधानसभा चुनाव के 11 मार्च को आने वाले नतीजे और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 14-15 मार्च को होने वाली बैठक से पहले निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली पर जोर दिये जाने के कारण बीते सप्ताह शेयर बाजार ने लगातार पांच सप्ताह की अपनी तेजी खो दी। आलोच्य सप्ताह में बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 60 अंक लुढ़ककर 28,832 अंक पर तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 42 अंक गिरकर 8,897.55 अंक पर आ गया। समीक्षाधीन सप्ताह में पांच कारोबारी दिवसों में मात्र एक दिन बुधवार को शेयर बाजार में तेजी रही थी जबकि शेष दिन यह गिरावट में रहा। सोमवार को शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट में हुई और इसने अपनी छह दिन की तेजी खो दी। अधिकतर एशियाई बाजारों के गिरावट में रहने के बीच घरेलू स्तर पर दूरसंचार, बैंकिंग, वित्त तथा ऑटो समूह में हुयी बिकवाली के दबाव में सेंसेक्स 80.09 अंक लुढ़ककर 28,812.88 अंक पर और निफ्टी 42.80 अंक गिरकर 8,896.70 अंक पर बंद हुआ। एक अप्रैल से टैरिफ प्लान के तहत सेवाएं देने की रिलायंस जियो की घोषणा का असर उस दिन शेयर बाजार पर दिखा और निवेशकों की उम्मीदों के कारण रिलायंस सबसे मुनाफे में रहने वाली कंपनी भी साबित हुई लेकिन इससे दूरसंचार समूह की गिरावट थम नहीं पायी। मंगलवार को वैश्विक स्तर से मिले मिश्रित संकेतों के बीच घरेलू स्तर पर आर्थिक विकास के आंकड़ो के कारण निवेशकों के सतर्कता बरतने से घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही। मंगलवार शाम में बाजार बंद होने पर चालू वित्त वर्ष के आर्थिक विकास का दूसरा अग्रिम अनुमान जारी किया जिसमें कहा गया कि नोटबंदी के बाद आर्थिक गतिविधियों में आयी सुस्ती के बावजूद चालू वित्त वर्ष में आर्थिक विकास दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है और नोटबंदी वाली तीसरी तिमाही में आर्थिक विकास दर 7.0 प्रतिशत दर्ज की गयी है।
चालू वित्त वर्ष में नोटबंदी का अर्थव्यवस्था पर विशेष असर नहीं होने और जीडीपी के मजबूत आंकड़ों से बुधवार को शेयर बाजार में बढ़त रही जिससे सेंसेक्स 241 अंक और निफ्टी 66 अंक चढऩे में सफल रहें। गुरुवार को वाहनों की बिक्री के बेहतर आंकड़ों, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में जीडीपी के 7.0 प्रतिशत रहने और अधिकतर विदेशी बाजारों के बढ़त में रहने से दो साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद सेंसेक्स कारोबार के अंतिम घंटे में हुई जोरदार मुनाफावूसली से 144.70 अंक टूटकर 28,839.79 अंक पर आ गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 46.05 अंक लुढ़ककर 8,899.75 अंक पर बंद हुआ। शुक्रवार को भी शेयरबाजार पर मुनाफावसूली का दबाव रहा और उसमें मामूली गिरावट रही। आलोच्य सप्ताह में बिकवाली के दबाव के चलते बीएसई का मिड कैप 0.9 प्रतिशत लुढ़क गया और स्मॉलकैप भी 0.2 फीसदी फिसल गया। बीएसई के 20 समूहों में सबसे अधिक घाटा गत सप्ताह पीएसयू को हुआ, जो 2.6 फीसदी गिर गया। इसके अलावा बिजली समूह दो फीसदी, तेल एवं गैस 1.8 फीसदी ,ऑटो 0.9 फीसदी तथा एफएमसीजी 0.6 फीसदी गिरावट में रहा। बीते सप्ताह सबसे अधिक दो फीसदी की तेजी धातु समूह में देखी गयी। इसके साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी तथा रिएल्टी समूह में एक-एक फीसदी, टेक में 0.6 फीसदी और सीडी में 0.3 फीसदी की बढ़त रही।

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