मुजफ्फरनगर : किसान ऋण माफी योजना हेतु अपने आधार कार्ड बैंक से लिंक करा लें-डीएम

मुजफ्फरनगर : किसान ऋण माफी योजना हेतु अपने आधार कार्ड बैंक से लिंक करा लें-डीएम



मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने आज कलैक्ट्रेट सभागार में फसल ऋण माफी योजना के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में अधिकारियों के साथ बैठक की। डीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लघु एवं सीमान्त किसानों का एक लाख रूपये तक का ऋण माफ करने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान के पास आधार कार्ड नहीं है तो तत्काल आधार कार्ड बनवा लें। और अपना आधार कार्ड अपने बैंक खाते से लिंक कराकर प्रथम चरण मे ही ऋण माफी योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि फसल ऋण माफी योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए यूजर आईडी एवं पासवर्ड एनआईसी से प्राप्त कर लें। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड एवं भूलेख के ब्यौरे से मिलान करना भी सुनिश्चत किया जाये। जिलाधिकारी ने बताया कि ऋण माफी योजना के अन्तर्गत लघु एवं सीमान्त किसान एक ही कृषि भूमि पर एक से अधिक बैंको से ऋण लेने पर ऋण माफी के पात्र नहीं होंगे। साथ ही किसान बगैर आधार के ऋण माफी का लाभ किसान नहीं ले सकेंगे। अधिकतम ऋण माफी की राशि 1 लाख रूपये होगी तथा जिलास्तर पर आने वाली समस्याओं का निदान जिलास्तरीय समिति द्वारा किया जायेगा।

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जिलाधिकारी ने कहा कि फसल ऋण माफी धनराशि की गणना के प्रयोजन के लिए 31 मार्च 2016 का ब्याज सहित बकाये से वित्तीय वर्ष 2016-17 की अवधि में किसान द्वारा आहरित धनराशि/ऋण और 31 मार्च 2017 तक की अवधि में किसान से प्राप्त ऋण भुगतान/ब्याज को घटा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की फसल ऋण माफी योजना का लाभ ऐसे किसानों को नही मिलेगा जिन्होने ट्रैक्टर अथवा कृषि यन्त्रों के लिए ऋण लिया है। उन्होंने बताया कि समस्त कार्य ऑनलाईन होना है। सभी बैक शाखा प्रबंधक आवश्यक व्यवस्था पूर्ण कर ले। उन्होंने कहा कि जिलास्तरीय समिति द्वारा ऋण माफी का दावा निरस्त किये जाने पर पुर्नविचार हेतु सम्बन्धित आयुक्त के यहां अपील की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में उन्ही किसानों को ऋण माफी का लाभ मिल सकेगा जिन्होने आधार सीडिंग और भूलेख मिलान करा लिया है। उन्होंने कहा कि शतप्रतिशत पात्र किसान अपने आधार तत्काल बैंक खाते से लिंक करा ले।

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सारी प्रक्रिया 1 अगस्त तक पूर्ण कर ली जाये। एक से अधिक बैंक से एक ही कृषि रकबे पर ऋण लेने वाले किसान को फसल ऋण माफी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि फसल ऋण माफी योजना में एक से दो हैक्टेयर कृषि भूमि वाले किसानोंं का लघु तथा एक हैक्टेयर तक कृषि भूमि वाले किसान को सीमान्त माना जायेगा। उन्होंने बताया कि किसान की भूमि उत्तर प्रदेश में हो और किसान भी उत्तर प्रदेश का निवासी होना आवश्यक है। किसान का नाम खतौनी मे दर्ज होना चाहिए और उसका फसली ऋण 31 मार्च 2016 या उससे पूर्व का हो। इस योजना में आधार कार्ड के आधार पर ही किसान फसल ऋण माफी योजना में सम्मिलित किया जायेगा। कृषि विभाग द्वारा समुचित जागरूकता, बजट का प्रबन्धन तथा एमआइएस के माध्यम से रिपोर्ट प्रेषित की जायेगी। उन्होने कहा कि राजस्व विभाग लघु एवं सीमान्त किसानों की पहचान करायेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन किसानों के आधार कार्ड खो गये है वे अपना डुप्लीकेट आधार कार्ड बनवा ले अथवा जिनका नही बना है वे जनसेवा केन्द्र पर जाकर तत्काल आधार कार्ड बनवा ले। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 सुनील कुमार सिंह, उप निदेशक कृषि नरेन्द्र कुमार, एलडीएम शशि जैन, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि सहित कृषि व सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।





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