महंगाई दर, तिमाही परिणामों से तय होगी शेयर बाजार की चाल

महंगाई दर, तिमाही परिणामों से तय होगी शेयर बाजार की चाल

मुम्बई। अच्छे मानसून के पूर्वानुमान से मजबूत हुई कारोबारी धारणा की बदौलत बीते सप्ताह नयी बुलंदियों को छूने वाले शेयर बाजार के अगले सप्ताह का रुख दिग्गज कंपनियों के परिणाम तथा थोक महँगाई, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) और खुदरा महँगाई के आंकड़े तय करेंगे। इसके साथ ही निवेशकों की जीएसटी परिषद की 17 और 18 मई को होने वाली बैठक पर भी नजर रहेगी क्योंकि इस बैठक में जीएसटी दर तय किये जाने हैं। मौसम विभाग द्वारा आगामी मानसून में अच्छी बारिश के पूर्वानुमान के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों के बढ़े निवेश और दिग्गज कंपनियों में जमकर हुई लिवाली के दम पर बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 329.35 अंकों की भारी बढ़त लेकर सप्ताहांत पर 30,188.15 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 115.60 अंक चढ़कर 9,400.90 अंक पर बंद हुआ। गत सप्ताह कारोबार के पांच में चार दिन शेयर बाजार तेजी में रहा और सप्ताह के आखिरी दिन शेयर बाजार गिरावट में बंद हुआ। सोमवार को एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक रुख के बीच घरेलू स्तर पर मजबूत निवेश धारणा से सेंसेक्स 0.23 प्रतिशत यानी 67.35 अंक चढ़कर 29,926.15 अंक पर और निफ्टी 0.31 प्रतिशत यानी 28.75 अंक की तेजी के साथ 9,314.05 अंक पर पहुँच गया। फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव में यूरोपीय संघ के समर्थक इमैन्युएल मैक्रोन की विजय से एशियाई बाजारों में तेजी रही। मंगलवार को विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच मजबूत शुरुआत के बावजूद दिग्गज कंपनियों में हुई मुनाफा वसूली से शेयर बाजार लगभग सपाट बंद हुये। सेंसेक्स 7.10 अंक यानी 0.02 प्रतिशत चढ़कर 29,933.25 अंक पर और निफ्टी 2.80 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त में 9,316.85 अंक पर बंद हुआ। दोनों बाजारों में लगातार दूसरे दिन तेजी देखी रही। बुधवार को सेंसेक्स शिखर पर पहुंचा। अंतररराष्ट्रीय बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच मानसून के बेहतर होने के संबंध में भारतीय मौसम विभाग के बयान से मजबूत हुई कारोबारी धारणा के दम पर शेयर बाजार ने जबरदस्त छलांग लगाकर अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये। सेंसेक्स दूरसंचार समूह में रही जबरदस्त तेजी के दम पर 314.92 अंक यानी 1.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 30,248.17 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी 0.97 प्रतिशत यानी 90.45 अंक चढ़कर पहली बार 9,400 के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार 9,407.30 अंक पर बंद हुआ। गुरुवार को एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के दम पर शुरुआती कारोबार में मजबूत बढ़त बनाने के बावजूद दोपहर बाद बाजार में मुनाफावसूली होने से सेंसेक्स 2.81 अंक की मामूली तेजी के साथ 30,250.98 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी भी आरंभिक मजबूती बरकरार नहीं रख सका और अंतत: 15.10 अंक की बढ़त में 9,422.40 अंक पर रहा। लगातार चौथे कारोबारी दिवस में तेजी के साथ दोनों शेयर बाजार नये रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुये। शुक्रवार को कारोबार के आखिरी दिन अधिकतर एशियाई बाजारों में रही गिरावट और बैंकिंग, वित्त समूह के साथ आईटीसी और एशियन पेंट्स जैसी दिग्गज कंपनियों में हुई बिकवाली से घरेलू शेयर बाजार रिकॉर्ड स्तर से फिसलकर लाल निशान में बंद हुआ। सेंसेक्स शिखर से फिसलता हुआ 62.83 अंक की गिरावट के साथ 30,188.15 अंक पर और निफ्टी भी 21.50 अंक उतरकर 9,400.90 अंक पर बंद हुआ। गत सप्ताह शुक्रवार को बाजार बंद होने पर थोक महँगाई, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) और खुदरा महँगाई दर के आंकड़े जारी किये गये थे जिसके मुताबिक इस वित्त वर्ष की शुरुआत में सरकार ने महंगाई पर काबू पाने में सफलता पायी है। आंकड़ों के अनुसार खाद्य पदार्थों के साथ विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में अपेक्षाकृत कम वृद्धि के कारण इस साल अप्रैल में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर घटकर 3.85 प्रतिशत रह गयी जो दिसंबर 2016 के बाद का निचला स्तर है। इसी तरह दालों, सब्जियों और आलू-प्याज की कीमतों में पिछले साल अप्रैल की तुलना में कमी के कारण इस साल अप्रैल में खुदरा महँगाई दर घटकर कम से कम सवा चार साल के निचले स्तर 2.99 प्रतिशत पर आ गयी। देश के उद्योगों की रफ्तार मापने वाले औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) मौजूदा वर्ष के मार्च में 2.7 प्रतिशत बढ़ा है। अगले सप्ताह 15 मई को जेके टायर, साउथ इंडियन बैंक और वेदांता, 16 मई को आंध्रा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और टाटा स्टील, 17 मई को जे के लक्ष्मी बैंक, 18 मई को बजाज ऑटो, मुथुट फाइनेंस, टाटा कॉफी और यूनाइटेड बैंक तथा 19 मई को ग्लैक्सो, भारतीय स्टेट बैंक और टाटा पावर के परिणाम जारी होंगे। 17 और 18 मई को श्रीनगर में जीएसटी परिषद की बैठक प्रस्तावित है जिसमें जीएसटी दर को अंतिम रूप दिया जायेगा।

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