मधुमेह-क्या खायें, क्या नहीं

मधुमेह-क्या खायें, क्या नहीं

मधुमेह आधुनिक युग की देन है। भौतिक सुख-सुविधाओं के कारण लोगों के रहन-सहन में काफी परिवर्तन आ गया है। रहन-सहन में परिवर्तन, सही खान-पान और व्यायाम के अभाव से यह रोग काफी तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रहा है। इस रोग के कारण स्थिति दिन प्रति-दिन भयावह होती जा रही है। पहले लोग 60-65 वर्ष की आयु में इस रोग से पीडि़त होते थे लेकिन अब बच्चे भी इस रोग से ग्रसित होने लगे हैं।
लोगों में फास्ट फूड के प्रति बढ़ता आकर्षण, पाश्चात्य ढंग के रहन-सहन और व्यायाम के अभाव के कारण यह रोग तेजी से बढ़ रहा है। फास्ट फूड के आकर्षण ने लोगों को पौष्टिक खाने से वंचित कर दिया है। इस रोग से दो प्रकार के लोग ग्रसित होते हैं-एक तो वे जो पौष्टिक आहार ग्रहण नहीं करते हैं। इससे उनमें इंसुलिन की मात्रा घटती जाती है। ऐसे रोगियों को इलाज के लिए बाहर से इंसुलिन औषधि के रूप में लेनी पड़ती है।
दूसरे वे लोग इस रोग से ग्रसित होते हैं जो गरिष्ठ भोजन लेते हैं। ऐसे लोग प्राय: मोटापे के कारण होने वाले मधुमेह का शिकार हो जाते हैं। ऐसे रोगियों को बाहर से इंसुलिन लेने की कम ही जरूरत पड़ती है। ऐसे लोग अपना वजन घटा लें तो उनका इलाज आसानी से हो सकता है। वजन नियंत्रण में रखना आसान तो नहीं है लेकिन असंभव भी नहीं है। ऐसे रोगी आहार पर नियंत्रण रखें और रोज 2-3 मील टहलें तो आसानी से रोग मुक्त हो सकते हैं।
चाय पियें लेकिन देखभाल कर
रोगी को शाकाहारी, कम कैलोरी तथा कम चर्बी वाले आहार लेने चाहिए। भोजन को खूब चबा-चबा कर खाना चाहिए ताकि वह आसानी से पच सके। आहार में फल, हरी सब्जियाँ, दूध और उससे बने पदार्थ व अनाज लेना चाहिए। इससे पाचन शक्ति बढ़ेगी।
मधुमेह के रोगी को चाय, कॉफी, शक्कर, मैदा, मिठाइयां, डिब्बाबन्द फल, चॉकलेट, पेस्ट्री और पुडिंग आदि को सेवन नहीं करना चाहिए। इनसे पाचन क्रिया खराब होती है। टमाटर, ककड़ी, पालक, सेम, प्याज, लहसुन आदि सब्जियों का भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए। इस रोग में इससे बहुत लाभ मिलता है। प्याज और लहसुन के सेवन से रक्त में शक्कर की मात्रा घटती है। मधुमेह के रोगियों के लिए करेला बहुत फायदेमंद होता है। इसका रस निकालकर या सब्जी बनाकर सेवन करना चाहिए।
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नियंत्रित खान-पान के साथ यदि रोगी सुबह-शाम दूर तक टहले या हल्का व्यायाम करे तो उसे लाभ मिल सकता है।
इस रोग में केवल दवा से लाभ नहीं मिलता। दवा के साथ खान-पान में सुधार आवश्यक होता है। विदेशों में भी डॉक्टर अब दवा से अधिक खान-पान पर ध्यान देने की सलाह देते हैं। टेक्सास विश्वविद्यालय द्वारा कराये गये शोधों से ज्ञात हुआ है कि मधुमेह के दूसरे वर्ग के रोगी केवल आहार नियंत्रण करके ही स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं रहन-सहन में परिवर्तन, मोटापे में कमी और व्यायाम ही मधुमेह का अधिक उपयुक्त इलाज है।
– अर्पिता तालुकदार

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