मधुमेहः कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां

मधुमेहः कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां

शहरों में मधुमेह के रोगी निरंतर बढ़ रहे हैं, यह चिंता का विषय है। वैसे मधुमेह के प्रति लोगों में जागरूकता भी बढ़ रही है। मधुमेह का रोग हार्मोन्स के असंतुलन, मोटापा, जींस और गलत लाइफ स्टाइल के कारण लोगों को अपनी गिरफ्त में जकड़ लेता है। जो कार्बोहाइडे्रटस हम खाने में लेते हैं, वही कार्बोहाइडे्रट सेल्स शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं पर मधुमेह होने पर वही सेल्स ऊर्जा देने के स्थान पर खून में घूमते हैं जिसे खून में शुगर का स्तर बढ़ जाता है।
मधुमेह हो जाने पर हमारे शरीर के विभिन्न अंग इससे प्रभावित होते हैं जैसे स्ट्रोक होना, हार्ट अटैक, लकवा, किडनी फेल, आंखों और पैरों की समस्या का होना, पुरूषों और स्त्रियों में नपुंसकता और बांझपन होना, कंधों का जाम होना आदि, इसलिए इनसे बचने के लिए नियमित ब्लड की जांच करवाते रहें। अपने लाइफ स्टाइल में बदलाव लाकर, व्यायाम कर समय पर उचित दवा लेकर हम सामान्य जिंदगी जी सकते हैं।
मधुमेह दो प्रकार की होती है:-
पहली टाइप वन:- यह बचपन में अचानक इंसुलिन हार्मोन बनना बंद होने से होती है। शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है, उस मात्रा को कंट्रोल करने में करने के लिए इंसुलिन के इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं। ऐसे रोगियों की संख्या काफी कम है।
दूसरी टाइप टू:- टाइप टू डायबिटीज उम्र बढऩे के साथ, मोटापे के कारण और गलत लाइफ स्टाइल के कारण होती है। ऐसे रोगियों की संख्या अधिक है। इसमें शरीर इंसुलिन कम मात्रा में बनाता है। इसे उचित दवा, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से काबू में रखा जा सकता है।
जरूरी टेस्ट करवाते रहें:-
बॉयफ्रेंड के घर खाना खाते हुए…

– कोलेस्ट्रॉल लेवल
– पैरों की जांच
– ब्लड प्रेशर की नियमित जांच
– आंखों की जांच
– किडनी प्रोफाइल
– हार्ट के लिए ईसीजी और टीएमटी।
मधुमेह वाले रोगी साल में एक बार ये टेस्ट अवश्य कराते रहें।
क्या खाएं -:
मधुमेह के रोगियों को हर दो घंटे में कुछ ले लेना चाहिए। उन्हें खाने में चोकर युक्त आटा, ब्राउन राइस, बिना पालिश वाले चावल, छिलके वाली दालें, सोयाबीन, ब्राउन ब्रेड, ओट्स, दलिया स्प्राउट्स, काले चने, राजमा, लोबिया आदि लें। सब्जियां, सलाद आदि भी लें। अपनी कैलरीज का ध्यान रखें। पुरूषों को 1700 से 1800 कैलरी तक लेनी चाहिए।
फलों में जामुन सबसे अधिक लाभप्रद है। वैसे पपीता, खरबूजा, तरबूज, अमरूद, मौसमी, अंजीर, सिंघाड़ा, स्ट्राबेरी, टमाटर, नींबू, संतरा, आंवला खा सकते हैं। फलों को खाने के साथ न लें, अलग से खाएं वरना शुगर बढ़ सकती है।
जूस में करेले, गाजर, लौकी, पालक, शलजम, पत्तागोभी का जूस पी सकते हैं। जूस का सेवन कम करना ही लाभदायक है। शाकाहारी भोजन ही लेना स्वास्थ्य हेतु अच्छा है। अगर आप मांसाहारी हैं तो मछली, मुर्गा भून कर या उबाल कर लें। दिन में एक से दो अंडे खा सकते हैं।
तेल द्वारा फैट की मात्रा 15 से 20 ग्राम प्रतिदिन ले सकते हैं। तेल में सरसों, अलसी, सोयाबीन और सूरजमुखी का तेल लें।
डबल टोंड दूध का सेवन करें। उसी से बना पनीर, दही, नमकीन छाछ ले सकते हैं। चाय बिना चीनी वाली लें दो-तीन कप से अधिक चाय ना पिएं।
जीने का सलीका सीखें

ग्रीन टी पी सकते हैं। यह शरीर में ग्लूकोज आब्जर्ब करने की क्षमता को बढ़ाती है। मेथी, लहसुन, दालचीनी खून में ग्लूकोज लेवल को कम करती हैं। इनका सेवन करें।
क्या न खाएं:-
चीनी, गुड़, गन्ना, मिठाई, चाकलेट, केक, पेस्ट्री, टॉफी, आइसक्रीम का सेवन न करें। फलों में सेब, केला, चाकू, आम, अंगूर, कीवी व शहतूत न खाएं। सब्जियों में आलू, अरबी, शकरकंद व कचालू का सेवन न करें। मक्खन, क्रीम, खोया, बाजार वाला पनीर, वनस्पति घी, देसी घी का सेवन न करें। पास्ता, मैदे वाली ब्रेड का सेवन न करें। मीट, कीमा, गुर्दे व लिवर वाला मीट न खाएं। अंडे में पीला भाग न लें।
मधुमेह के बारे में कुछ भ्रातियां-
दवा ले रहे हैं तो कुछ भी खा सकते हैं? यह गलत धारणा है। डायबिटीज के रोगी को दवा के साथ नियंत्रित संतुलित आहार और व्यायाम अवश्य करना चाहिए।
मधुमेह की महिला रोगी को गर्भधारण नहीं करना चाहिए, यह गलत है। ऐसी महिलाएं विशेषज्ञ की देखरेख में, सही लाइफ स्टाइल अपना कर गर्भ धारण कर सकती हैं। अपने शुगर लेवल की जांच करवाते रहें और उसे नियंत्रण में रखें।
मधुमेह रोगी के लिए उसकी समस्या का हल शुगर फ्री खाना है? नहीं, शुगर फ्री का अर्थ कैलरी फ्री नहीं है। शुगर फ्री होने पर भी जमकर नहीं खा सकते। मधुमेह का खतरा बड़ी उम्र और मोटे लोगों का होता है, नहीं, मधुमेह मोटे-पतले किसी को भी हो सकता है। किसी भी उम्र में यह रोग हो सकता है।
-नीतू गुप्ता

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