मंत्री से नहीं मिलते वाहन उद्योग के प्रतिनिधि!

मंत्री से नहीं मिलते वाहन उद्योग के प्रतिनिधि!

नई दिल्ली। भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यमिता मंत्री अनंत गीते ने वाहन उद्योग को सहयोग का पूरा भरोसा दिलाते हुये उद्योग के प्रतिनिधियों से कहा कि वे उनसे लगातार संपर्क में रहें।
वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम की 56वीं वार्षिक बैठक के उद्घाटन समारोह में श्री गीते ने शिकायत की कि सियाम के अधिकारियों से उनकी मुलाकात सिर्फ वार्षिक बैठक के दौरान ही होती है। उन्होंने कहा, कि मैं इस मंच पर साल में एक बार आता हूँ। यह मेरी अपेक्षा है कि कम से कम छह महीने में एक बार तो सियाम के लोग मुझसे आकर मिलें। मंत्री ने कहा कि वाहन उद्योग भी उनसे अपनी शिकायतें, दिक्कतें, तकलीफें और उम्मीदें साझा करे। उन्होंने कहा कि जब इस्पात जगत संकट में था उसे संकट से बाहर निकालने में अनंत गीते ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, यह बात वाहन उद्योग को भी याद रखनी चाहिये। उन्होंने कहा, कि केवल साल में एक बार हम समारोह के दौरान मिलते हैं। उसके बदले लगातार संपर्क रहें, ये रिश्ता बना रहे, हम एक-दूसरे को समझ लें। सरकार की मानसिकता सहयोग करने की है और इसलिए यह रिश्ता हमेशा बना रहना चाहिये। श्री गीते ने कहा कि सरकार के ‘मेक इन इंडिया कार्यक्रम को सफल बनाने में सबसे बड़ी भूमिका ऑटो उद्योग की रही है। देश की 55 प्रतिशत आबादी 35 साल से कम उम्र की है। युवा शक्ति का उपयोग करने के लिए उन्हें काम देने की जरूरत है। वाहन उद्योग में उन्हें सबसे ज्यादा काम देने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पद्र्धा में खरा उतरने के लिए सरकार वाहन उद्योग को हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा उनमें यह उद्योग भी एक है। इससे कर में सरलता आयेगी और उत्पाद पर लगने वाला कर कम होगा। केंद्रीय मंत्री ने 2000 सीसी से ज्यादा वाले डीजल वाहनों की बिक्री पर दिल्ली एनसीआर में लगाये गये प्रतिबंध के मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा रोक हटाने के बारे में कहा कि यह भारी उद्योग, सड़क परिवहन, वन एवं पर्यावरण तथा पेट्रोलियम मंत्रालय के संयुक्त प्रयास का नतीजा था। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक तथा हाइब्रिड वाहनों पर सब्सिडी की फेम इंडिया योजना के तहत सरकार ने 14 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है जिससे 60 हजार करोड़ रुपये के ईंधन का उपभोग कम होगा। इससे प्रदूषण भी कम होगा। उन्होंने कहा कि फेम योजना किसी राज्य विशेष तक सीमित नहीं है और इसका लाभ पूरे देश के लोग ले सकते हैं।

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