भावनाओं में बही शिवसेना के सुर पड़े ठंडे

भावनाओं में बही शिवसेना के सुर पड़े ठंडे

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केंद्र सरकार की योजनाओं और उसके फैसलों का लगातार विरोध करती चली आ रही शिवसेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भावनात्मक सुरों में कुछ इस कदर वही कि उसने नोटबंदी का विरोध करने से खुद को अलग कर लिया। दरअसल शिवसेना सांसदों ने नोटबंदी पर जब अपनी नाराजगी का पिटारा प्रधानमंत्री के सामने खोला तो मोदी ने सिर्फ इतना ही कहा कि अगर बाल ठाकरे आज जीवित होते तो केंद्र सरकार के इस कदम का समर्थन करते। बस फिर क्या था मोदी के इस भावनात्मक बयान का असर हुआ और शिवसेना के गर्म सुर ठंडे पड़ गए। इसके बाद तो सांसदों सहित शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी खुश नजर आ रहे हैं। इसलिए समझा जा रहा है कि अब विरोध के स्वर सुनाई नहीं देंगे और अगर विरोध होगा भी तो वह महज दिखावे वाला ही होगा, अब जनता तय करे कि ठगा कौन गया।आप ये ख़बरें अपने मोबाइल पर पढना चाहते है तो दैनिक रॉयलunnamed
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